WFI Row | WFI अध्यक्ष बृजभूषण पर लगे यौन उत्पीड़न के आरोपों की जांच के लिए IOA ने बनाई 7 सदस्यीय समिति

File Pic

नई दिल्ली. भारतीय ओलंपिक संघ (IOA) ने शुक्रवार को WFI अध्यक्ष बृजभूषण शरण सिंह (Brij Bhushan Sharan Singh) के खिलाफ यौन उत्पीड़न के आरोपों की जांच के लिए सात सदस्यीय समिति का गठन किया है। मैरी कॉम, डोला बनर्जी, अलकनंदा अशोक, योगेश्वर दत्त और सहदेव यादव आईओए समिति के सात सदस्यों में शामिल हैं। समिति की एक विस्तृत बैठक हुई और आईओए के सूत्रों का सुझाव है कि वे सभी संबंधित पक्षों को जांच के हिस्से के रूप में बुलाएंगे।

सहदेव यादव ने कहा, “हम बैठेंगे और सबकी बात सुनेंगे और आरोपों को देखने के बाद निष्पक्ष जांच करेंगे और निष्पक्ष न्याय देने की कोशिश करेंगे।”

वहीं, डोला बनर्जी ने कहा, “मुझे अभी मीडिया से पता चला है कि मैं इस समिति (आईओए की सात सदस्यीय समिति) का हिस्सा हूं। चलिए काम शुरू करते हैं और फिर हम कहेंगे कि सही तस्वीर क्या है। हम सुनिश्चित करते हैं कि सच्चाई सबके सामने आएगी।”

WFI के अध्यक्ष बृजभूषण शरण सिंह के खिलाफ यौन उत्पीड़न के आरोपों का विरोध कर रहे पहलवानों ने शुक्रवार को भारतीय ओलंपिक संघ (IOA) को पत्र लिखकर आरोपों की जांच के लिए एक जांच समिति के गठन करने की मांग की थी।

IOA अध्यक्ष पीटी उषा को लिखे पत्र में पहलवानों ने WFI की ओर से (कोष में) वित्तीय अनियमितताओं के आरोप लगाने के अलावा दावा किया कि राष्ट्रीय शिविर में कोच और खेल विज्ञान स्टाफ ‘बिल्कुल अक्षम’ हैं। चार मांग रखते हुए पहलवानों ने लिखा, “हम भारतीय ओलंपिक संघ से आग्रह करते हैं कि यौन शोषण की शिकायतों की जांच के लिए तुरंत समिति की नियुक्ति की जाए।”

पहलवानों ने WFI को भंग करने और अध्यक्ष को बर्खास्त करने की मांग भी दोहराई। अपनी चौथी और अंतिम मांग में पहलवानों ने लिखा, “पहलवानों के साथ सलाह-मशविरा करके राष्ट्रीय महासंघ के संचालन के लिए नई समिति का गठन किया जाए।”

खिलाड़ियों ने आगे पत्र में लिखा, “हम पहलवानों को एक साथ आने और WFI अध्यक्ष के खिलाफ विरोध करने के लिए बहुत साहस की आवश्यकता है। हमें अपनी जान का खतरा है। अगर उन्हें बर्खास्त नहीं किया गया तो धरने से जुड़ने वाले सभी युवाओं का करियर खत्म हो जाएगा।” उन्होंने पत्र के अंत में लिखा, “जब तक WFI अध्यक्ष को बर्खास्त नहीं किया जाता तब तक हम पीछे नहीं हटेंगे।”

यह भी पढ़ें

विनेश फोगाट ने गुरुवार को कहा था कि और अधिक महिला पहलवान यौन शोषण की अपनी कहानियों के साथ आगे आई हैं और वे WFI अध्यक्ष के खिलाफ कई एफआईआर दर्ज करेंगी। उन्होंने गुरुवार को सरकारी अधिकारियों से मुलाकात की और बाद में खेल मंत्री अनुराग ठाकुर के साथ उनके आवास पर रात्रि भोज पर बैठक के दौरान इस मुद्दे पर चर्चा की। हालांकि दोनों बैठकें बेनतीजा रहीं क्योंकि पहलवान इस बात पर अड़े रहे कि WFI को तुरंत भंग कर दिया जाए जबकि सरकार ने उनसे अपना विरोध समाप्त करने का अनुरोध किया। फिलहाल, प्रदर्शनकारी पहलवानों की खेल मंत्री के साथ उनेक सरकारी आवास पर बैठक जारी है।

सरकार ने WFI अध्यक्ष को आरोपों का जवाब देने के लिए 72 घंटे (शनिवार शाम तक) का समय दिया था, जिसका जवाब उन्होंने भेज दिया है। इसकी पुष्टि बृजभूषण के बेटे प्रतिक ने की है। 

उत्तर प्रदेश में मीडिया से बात करते हुए बृजभूषण ने कहा कि वह इस्तीफा नहीं देंगे क्योंकि उनका पद किसी की दया पर निर्भर नहीं है। जब उनसे कहा गया कि पहलवानों ने कहा है कि अगर वे सब कुछ सार्वजनिक कर देंगे तो भूकंप आ जाएगा तो WFI अध्यक्ष ने कहा कि अगर वह अपना मुंह खोलेंगे (रहस्यों का खुलासा करेंगे) तो इससे सुनामी आएगी। (एजेंसी इनपुट के साथ)

ताजा समाचार

Leave A Reply

Please enter your comment!
Please enter your name here