38.1 C
New Delhi
Tuesday, June 22, 2021
Home Blog

टेस्ट में अच्छा करने के लिए अधिक मैच खेलने की जरूरत : स्मृति मंधाना

0
Smriti Mandhana

Bristol: भारतीय महिला क्रिकेट टीम की बल्लेबाज स्मृति मंधाना ने कहा है कि खिलाड़ियों को टेस्ट के हर सत्र के समापन के समय आपस में बेहतर समझ बनाने के लिए अधिक टेस्ट मैच खेलने की आवश्यकता है।

फोलोऑन खेल रही भारतीय महिला टीम ने यहां काउंटी क्रिकेट ग्राउंड पर इंग्लैंड के खिलाफ खेले जा रहे एकमात्र टेस्ट मुकाबले के तीसरे दिन शुक्रवार को बारिश से बाधित दिन का खेल खत्म होने तक दूसरी पारी में एक विकेट पर 83 रन बना लिए और वह अभी 82 रन पीछे चल रही है।

इंग्लैंड ने दूसरे दिन नौ विकेट पर 396 रन बनाकर अपनी पहली पारी घोषित की थी जबकि भारत की पहली पारी आज पहले सत्र में 231 रनों पर सिमट गई और इससे इंग्लैंड को 165 रनों की बड़ी बढ़त हासिल हुई, जिसके बाद उसने भारत को फोलोऑन खेलने पर मजबूर कर दिया। मंधाना ने पहली पारी में 78 रन बनाए थे।

मंधाना ने तीसरे दिन की खेल समाप्ति के बाद कहा, हम निश्चित रूप से विचार कर सकते हैं कि हम 50 ओवर से अधिक बल्लेबाजी करने के अभ्यस्त नहीं हैं। लेकिन मैं यह नहीं कहूंगी कि टेस्ट मैचों में अनुभव की कमी के कारण मैं आउट हुई क्योंकि मैंने कल (गुरुवार) के आखिरी सत्र में अपना विकेट गंवा दिया था।

उन्होंने कहा, लेकिन, निश्चित रूप से, मुझे लगता है कि नॉट आउट होने के कारण दिन को समाप्त करने का थोड़ा दबाव था, जो एक भूमिका निभा सकता है। जितना अधिक हम टेस्ट मैच खेलते हैं, उतना ही हम परिस्थितियों के अभ्यस्त हो जाते हैं-लंच से पहले एक ओवर या दिन समाप्त होने से पहले एक ओवर और उन सभी सत्रों में, ताकि हम (उनके पास आने) के बारे में अधिक परिपक्व हो सकें और दबाव न लें।

उर्वशी रौतेला : जब मैं अपने सर्वश्रेष्ठ में होती हूं, तो मैं अपने पिता की बेटी होती हूं

0
Urvashi Rautela

Mumbai: अभिनेत्री उर्वशी रौतेला का कहना है कि उनके पिता मनवर सिंह ने उन्हें खुद को महत्व देना सिखाया है। 20 जून को फादर्स डे से पहले, उर्वशी ने साझा किया कि उनका अपने पिता के साथ किस तरह का जुड़ाव है।

उर्वशी ने बताया, जब मैं अपने सबसे अच्छे रूप में होती हूं, तो मैं अपने पिता की बेटी होती हूं। यह मेरे पिता थे जिन्होंने मुझे खुद को महत्व देना सिखाया। उन्होंने मुझे बताया कि मैं असामान्य रूप से सुंदर थी और मैं उनके जीवन की सबसे कीमती चीज थी।

फादर्स डे मनाने पर वह कहती हैं, मैं फादर्स डे सिर्फ करीबी लोगों के साथ मनाऊंगी। यह उनके लिए एक यादगार दिन होगा। मैं एक गर्वित पिता की बेटी हूं, मेरे पिता ने मुझे खुद को महत्व देना सिखाया।

काम की बात करें तो, उर्वशी रौतेला एक साइंस फिक्शन फिल्म के साथ तमिल में अपनी शुरूआत करेंगी, जिसमें उन्हें एक माइक्रोबायोलॉजिस्ट और एक आईआईटीयन के रूप में दिखाया जाएगा। वह थिरुतु पायल 2 के हिंदी रीमेक के साथ एक द्विभाषी थ्रिलर ब्लैक रोज में भी दिखाई देने वाली हैं।

वह सुपर कॉप अविनाश मिश्रा की सच्ची कहानी पर आधारित रणदीप हुड्डा-स्टारर वेब सीरीज इंस्पेक्टर अविनाश में भी दिखाई देंगी। इसमें उर्वशी ने अविनाश की पत्नी पूनम मिश्रा की भूमिका निभाई है।

मुख्यमंत्री ने महान धावक मिल्खा सिंह के निधन पर दुख प्रकट किया

0
bhupesh baghel

Raipur: मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने भारत के महान धावक ‘फ्लाइंग सिख’ मिल्खा सिंह के निधन पर गहरा दुख व्यक्त किया है। मुख्यमंत्री ने अपने संदेश में कहा है कि मिल्खा सिंह देश के हजारों खिलाड़ियों के लिए हमेशा प्रेरणा के स्रोत बने रहेंगे। उनके निधन से खेल जगत को अपूरणीय क्षति हुई है। बघेल ने उनके परिवारजनों के प्रति संवेदना प्रकट करते हुए दिवंगत आत्मा की शांति के लिए ईश्वर से प्रार्थना की है।

रायपुर हाफ मैराथन में मिल्खा के साथ 85 साल के बुजुर्ग भी दौड़े थे

साल 2017 में नया रायपुर में हुए पहले रायपुर इंटरनेशनल हाफ मैराथन में मिल्‍खा सिंह भी शामिल हुए थे। करीब 15 हजार धावक शामिल हुए थे। इसमें 3 साल से 85 साल तक की उम्र के धावक थे। विजेताओं को 30 लाख की इनामी राशि बांटी गई थी। दौड़ में पूर्व ओलिंपियन धावक मिल्खा सिंह, पहलवान गीता फोगाट, क्रिकेटर प्रवीण कुमार सहित कई सितारे शामिल हुए थे।

‘उड़न सिख’ पद्मश्री मिल्खा सिंह

बता दें कि खेल की दुनिया में देश को नई ऊंचाई पर ले जाने वाले ‘उड़न सिख’ पद्मश्री मिल्खा सिंह शुक्रवार रात 11.24 बजे अलविदा कह गए। चंडीगढ़ के परास्नातक आयुर्र्विज्ञान संस्थान (पीजीआइ) में उन्होंने 91 साल की उम्र में आखिरी सांस ली। वह कोरोना से उबर चुके थे, लेकिन पोस्ट कोरोना साइड इफेक्ट के कारण गुरुवार रात से उनकी हालत बिगड़ती जा रही थी।

डाक्टर उन्हें बचाने की हर संभव कोशिश कर रहे थे, लेकिन विफल रहे। बीते दिनों उनकी पत्नी का भी कोरोना से निधन हो गया था। उनकी पत्नी भारत की वॉलीबाल टीम की कप्तान रही थीं। मिल्खा सिंह के परिवार में पुत्र जीव मिल्खा और तीन बेटियां हैं। जीव मिल्खा देश के नामी गोल्फर हैं।

चार एशियाई खेलों में जीते स्वर्ण

दुनिया के महान एथलीटों में शुमार मिल्खा सिंह ने चार एशियाई खेलों में स्वर्ण पदक जीते थे। वह 1958 के कामनवेल्थ गेम्स के चैंपियन भी थे। हालांकि उनका सबसे यादगार प्रदर्शन 1960 रोम ओलंपिक खेल में था जहां वह 4-मीटर स्पर्धा में चौथे स्थान पर रहे थे। उन्होंने 1956 और 1964 के ओलंपिक खेलों में भी भारत का प्रतिनिधित्व किया था। उन्हें 1959 में पद्मश्री से सम्मानित किया गया था। उनके जीवन पर बालीवुड फिल्म भाग मिल्खा भाग बनी थी जो सुपरहिट रही थी।

बेटी भी कर रही थी इलाज

मिल्खा सिंह के इलाज में लगी सीनियर डाक्टरों की टीम में उनकी बेटी मोना भी शामिल थीं। मोना न्यूयार्क स्थित मेट्रोपोलिटन अस्पताल में सीनियर इमरजेंसी मेडिसिन डाक्टर हैं। वह अमेरिका में कोरोना मरीजों की जिंदगी बचाने में पिछले एक साल से जुटी हुई हैं। जैसे ही उन्हें पिता मिल्खा सिह के कोरोना पाजिटिव होने की खबर मिली, वह भारत आ गईं थीं और उनकी देखरेख में जुटी थीं।

आक्सीजन स्तर गिरने के बाद आया बुखार

पीजीआइ प्रवक्ता प्रो. अशोक कुमार ने कहा कि गुरुवार रात को मिल्खा सिंह का आक्सीजन स्तर गिर गया था और उन्हें बुखार भी आ रहा था। बुधवार को उनकी कोरोना रिपोर्ट निगेटिव आ गई थी, जिसके बाद उन्हें आइसीयू वार्ड में शिफ्ट कर दिया गया था।

17 मई को हुए थे कोरोना पाजिटिव

बता दें, 17 मई को मिल्खा सिंह की कोरोना रिपोर्ट पाजिटिव आई थी। तबीयत बिगड़ने के बाद पहले उन्हें मोहाली के फोर्टिस अस्पताल में भर्ती करवाया गया था। वहां कोरोना की रिपोर्ट निगेटिव आने के बाद 31 मई को उन्हें अस्पताल से छुट्टी मिल गई थी। इसके बाद वह चंडीगढ़ के सेक्टर-8 स्थित घर में कोरोना प्रोटोकाल का पालन करते हुए आराम कर रहे थे। अचानक तीन जून को उनकी तबीयत बिगड़ गई और आक्सीजन लेवल गिरने के बाद उन्हें पीजीआइ में भर्ती करवाया गया।

जवानों से मिलने कश्मीर पहुंचे अक्षय कुमार, गांव में स्कूल निर्माण के लिए दिए एक करोड़

0
Akshay Kumar reached Kashmir

Kashmir/Mumbai: फिल्म अभिनेता अक्षय कुमार गुरुवार को उत्तरी कश्मीर के बांदीपोरा जिले की गुरेज घाटी में स्थित नियंत्रण रेखा के पास तुलैल के नीरू गांव पहुंचे। अक्षय कुमार ने इस दौरान शहीद हुए जवानों को श्रद्धांजलि दी। इसके साथ ही जवानों और अधिकारियों से मिल कर उनसे बातचीत की और उनका मनोबल बढ़ाया। इस दौरान अक्षय कुमार ने जवानों के साथ अच्छा समय बिताया कर खूब मस्ती भी की।

बीएसएफ इण्डिया ने इस दौरान की कुछ तस्वीरें ट्विटर पर साझा की हैं, जिसमें अक्षय कुमार और बीएसएफ के डीजी राकेश अस्थाना सीमा की सुरक्षा करते हुए शहीद हुए जवानों को श्रद्धांजलि अर्पित करते दिख रहे हैं। इन तस्वीरों को साझा करते हुए बीएसएफ इण्डिया ने लिखा-‘डीजी बीएसएफ राकेश अस्थाना ने लाइन ऑफ ड्यूटी पर सर्वोच्च बलिदान देने वाले सीमा प्रहरियों को भावभीनी श्रद्धांजलि दी और उनकी स्मारक पर पुष्पचक्र भेंट किया। इस दौरान अक्षय कुमार भी उनके साथ दिखे और शहीद जवानों को श्रद्धांजलि दी।’

बीएसएफ कश्मीर ने भी इसकी जानकारी देते हुए ट्वीट किया-‘देश आजादी की 75वीं वर्षगांठ की तरफ बढ़ रहा है. ऐसे में अक्षय कुमार एक बार फिर सीमा की सुरक्षा में तैनात सेना के जवानों से मिलने आए।’ वहीं अक्षय कुमार ने भी इस दौरान की कुछ तस्वीरें सोशल मीडिया पर साझा की है, जिनमें वह जवानों के साथ बातचीत करते नजर आ रहे हैं। इस दौरान उन्होंने जवानों के साथ डांस भी किया। सोशल मीडिया पर अक्षय की ये तस्वीरें तेजी से वायरल हो रही हैं। फैंस उनके इस कार्य की काफी तारीफ भी कर रहे हैं।

अक्षय कुमार बॉलीवुड के सबसे फिट अभिनेताओं में से एक हैं। अक्षय कुमार समय-समय पर देश की मुश्किल घड़ी में हमेशा सहयोग करते हैं और देश के प्रति अपने कर्तव्य का भली -भांति निर्वाह करते हैं। कोरोना काल के दौरान भी उन्होंने एक बड़ी राशि दान करने के अलावा देश में कई जरूरतमंद लोगों की मदद भी की। अक्षय कुमार इन दिनों अपनी फिल्म बच्चन पांडे की शूटिंग में व्यस्त हैं। इस फिल्म के अलावा इस साल उनकी कई फिल्में कतार में हैं। उनकी आगामी फिल्मों में बच्चन पांडे के अलावा अतरंगी रे, सूर्यवंशी, बेल बॉटम, पृथ्वीराज और रक्षाबंधन आदि शामिल हैं।

WTC Final: पीटरसन का टीम इंडिया पर निशाना- IPL खेलकर नहीं होती टेस्ट मैच की तैयारी

0
Kevin Pietersen

WTC Final, IND vs NZ: भारत और न्यूजीलैंड (India vs New Zealand) के बीच आज से वर्ल्ड टेस्ट चैम्पियनशिप का फाइनल (World Test Championship Final) खेला जाना है।

न्यूजीलैंड (New Zealand) की इस महामुकाबले (IND vs NZ) के लिए तैयारी अच्छी है। क्योंकि उसने WTC Final से पहले इंग्लैंड के खिलाफ दो टेस्ट की सीरीज (NZ vs ENG Tesy Series) में जीत दर्ज की। दूसरी ओर, विराट कोहली (Virat Kohli) की अगुवाई वाली भारतीय टीम (Team India) ने इंग्लैंड पहुंचने के बाद अभ्यास मैच नहीं खेला।

ऐसे में भारत (Team India) की तैयारी न्यूजीलैंड (New Zealand) के मुकाबले पुख्ता नहीं है। यही बात इंग्लैंड के पूर्व बल्लेबाज केविन पीटरसन (Kevin Pietersen) ने भी कही है। पीटरसन का मानना है कि टीम इंडिया को इंग्लैंड में मैच प्रैक्टिस के मौके कम मिले हैं, जिसका नुकसान उसे डब्ल्य़ूटीसी के फाइनल (WTC Final, IND vs NZ) में उठाना पड़ सकता है।

पीटरसन (Kevin Pietersen) ने अपने ब्लॉग में लिखा कि IPL या इंट्रा-स्क्वॉड मैच खेलने से आप टेस्ट क्रिकेट (Test Cricket) की तैयारी नहीं कर सकते। खासतौर पर विश्व टेस्ट चैम्पियनशिप के फाइनल (WTC Final, IND vs NZ) जैसे मुकाबले की, जहां दोनों टीमों की साख दांव पर लगी है। न्यूजीलैंड ने तो बीते हफ्ते टेस्ट सीरीज में इंग्लैंड को शिकस्त दी है। ऐसे में भारत की राह फाइनल में आसान नहीं होगी।

प्रैक्टिस मैच की कमी भारत की मुश्किलें बढ़ाने वाला: पीटरसन

उन्होंने (Kevin Pietersen) आगे कहा कि आप महीने भऱ पहले IPL खेलकर इंग्लैंड में टेस्ट मैच (Test Cricket) की तैयारी नहीं कर सकते हैं। क्योंकि यहां की कंडीशंस बिल्कुल अलग हैं। भारत के लिए परेशानी इसलिए भी ज्यादा है, क्योंकि उसने इंग्लैंड में एक भी वॉर्म-अप मैच नहीं खेला।

भारत की तैयारी न्यूजीलैंड के मुकाबले कमतर

इंग्लैंड के पूर्व बल्लेबाज (Kevin Pietersen) के मुताबिक, इंग्लैंड के खिलाफ न्यूजीलैंड (NZ vs Eng Test Series) की तेज गेंदबाजी शानदार थी। लॉर्ड्स टेस्ट में टिम साउदी (Tim Southee) और फिर मैट हेनरी (Matt Hanery), जो शायद एजबेस्टन में नहीं खेले। उन्होंने शानदार प्रदर्शन किया। आपको एक टेस्ट मैच में हावी होने के लिए गिनती के ही मौके मिलते हैं औऱ मुझे ये डर है कि भारत की तैयारी न्यूजीलैंड के मुकाबले कमतर रही है।

भारत इंग्लैंड में पिछली तीन टेस्ट सीरीज हारा

भारत का इंग्लैंड (Team India Test record in England) में टेस्ट रिकॉर्ड भी बहुत अच्छा नहीं रहा है। टीम इंडिया यहां पिछली तीन टेस्ट सीरीज गंवा चुकी है। 2018 में मेजबान इंग्लैंड ने उसे पांच टेस्ट की सीरीज में 4-1 से हराया था। वहीं, 2014 में भी भारत को सीरीज गंवानी पड़ी थी। 2011 में तो इंग्लैंड ने उसे टेस्ट सीरीज में क्लीन स्वीप किया था।

भारतीय बल्लेबाजों (Indian Batsman in England) के लिए इंग्लैंड की परिस्थितियां हमेशा चुनौतीपूर्ण साबित होती हैं। इंग्लैंड का मौसम और कंडीशंस न्य़ूजीलैंड से काफी मेल खाती है। ऐसे में विराट (Virat Kohli) की सेना के सामने चुनौती बड़ी है। वैसे भी आईसीसी टूर्नामेंट (ICC Tournament) के न्यूट्रेल वेन्यू पर भारत का न्यूजीलैंड के खिलाफ रिकॉर्ड अच्छा नहीं है। पिछली बार भारत ने उसे 2003 में वनडे विश्व कप में हराया था।

कोरोना वायरस आज भी मौजूद, इसके स्वरूप बदलने की संभावना बनी हुई है : नरेंद्र मोदी

0
PM Modi

New Delhi: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को कहा कि कोरोना वायरस आज भी देश में मौजूद है और इसके स्वरूप बदलने की संभावना बनी हुई है इसलिए सभी सावधानियां बरतने के साथ ही भावी चुनौतियों से निपटने के लिए देश की तैयारियों को ज्यादा मजबूत करना होगा। हर देशवासी को मुफ्त टीका लगाने की केंद्र सरकार की प्रतिबद्धता जाहिर करते हुए प्रधानमंत्री ने लोगों से मास्क पहनने और उचित दूरी का पालन करने सहित बचाव के सभी उपायों का पालन करने का आग्रह किया।

प्रधानमंत्री ने वीडियो कांफ्रेंस के माध्यम से कोविड-19 के खिलाफ अग्रिम मोर्चे के योद्धाओं के लिए विशेष रूप से तैयार एक क्रैश कोर्स की शुरुआत करने के बाद अपने संबोधन में यह बातें कहीं। किसी विषय विशेष की जानकारी देने और कौशल विकसित करने के मकसद से अल्प अवधि के लिए चलाये जाने वाले कार्यक्रम को क्रैश कोर्स कहते हैं। उन्होंने कहा, ‘‘कोरोना की दूसरी लहर में हम लोगों ने देखा कि इस वायरस का बार बार बदलता स्वरूप किस तरह की चुनौतियां हमारे सामने ला सकता है। ये वायरस हमारे बीच अभी भी है और इसके म्यूटेड होने की संभावना भी बनी हुई है। हर सावधानी के साथ, आने वाली चुनौतियों से निपटने के लिए हमें देश की तैयारियों को और ज्यादा बढ़ाना होगा।’’

प्रधानमंत्री ने कहा कि इसी लक्ष्य के साथ आज देश में अग्रिम मोर्चे के करीब एक लाख कोरोना योद्धाओं को तैयार करने का ‘‘महा-अभियान’’ शुरु हो रहा है। उन्होंने कहा, ‘‘इस अभियान से कोविड से लड़ रहे स्वास्थ्य क्षेत्र के लोगों को नई ऊर्जा भी मिलेगी और युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर भी बनेंगे।’’ इस कार्यक्रम की शुरुआत 26 राज्यों में फैले 111 प्रशिक्षण केन्द्रों में की गई है। प्रधानमंत्री ने कहा कि इस महामारी ने दुनिया के हर देश, हर संस्था, हर समाज, हर परिवार और हर इंसान के सामर्थ्य और उसकी सीमाओं को बार-बार परखा है तथा साथ ही इसने विज्ञान, सरकार, समाज संस्था और व्यक्ति के रूप में भी अपनी क्षमताओं का विस्तार करने के लिए हमें सतर्क भी किया है।

उन्होंने कहा कि इसी के मद्देनजर पीपीई किट से लेकर उपचार के अन्य जरूरी संसाधनों का एक बड़ा ढांचा आज भारत में बना है और इस पर अभी भी काम चल रहा है। उन्होंने कहा, ‘‘इसी का परिणाम है आज देश के दूर सुदूर इलाकों में अस्पतालों तक वेंटिलेटर और ऑक्सीजन सांद्रक पहुंचाने का तेज गति से प्रयास किया जा रहा है। डेढ़ हजार से ज्यादा ऑक्सीजन संयंत्र बनाने का काम युद्धस्तर पर जारी है। हिंदुस्तान के हर जिले में ऐसा करने के लिए एक भगीरथ प्रयास चल रहा है।’’

देश में 21 जून से आरंभ हो रहे टीकाकरण अभियान के नये चरण का उल्लेख करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि अब 18 साल से ऊपर के लोगों को वही सुविधा मिलेगी जो अभी 43 साल के ऊपर के लोगों को मिल रही थी। कोरोना से बचाव के सभी उपायों का अनुसरण करने का आग्रह करते उन्होंने कहा, ‘‘केंद्र सरकार हर देशवासी को मुफ्त टीका लगाने के लिए प्रतिबद्ध है।’’ इस अवसर पर केन्द्रीय कौशल विकास एवं उद्यमिता मंत्री महेंद्र नाथ पांडेय, पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्री धर्मेंद्र प्रधान, स्वास्थ्य मंत्री हर्षवर्धन, आर के सिंह, नित्यानंद राय, अश्विनी चौबे और जाने माने चिकित्सक नरेश त्रेहन उपस्थित थे।

खादी के कारोबार पर ‘लोकल फॉर वोकल’ का असर

0
narendra modi on khadi

New Delhi: प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी कहते रहे हैं कि ‘खादी को कपड़े की तरह नहीं, बल्कि आंदोलन की तरह देखें।’ उनकी बात का असर खादी ग्रामोद्योग आयोग (केवीआईसी) के व्यापार पर दिखा है। लोगों ने आगे बढ़कर स्वदेशी को महत्व दिया और खादी को अपनाया है। इस असाधारण परिस्थिति में भी केवीआईसी वित्त वर्ष 2020-21 में 95,741.74 करोड़ रुपये का रिकॉर्ड कारोबार करने में सफल रही है।

अपने ‘मन की बात’ कार्यक्रम में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने 24 सितंबर, 2017 को कहा था, “मैंने एक बार खादी के विषय में चर्चा की थी कि खादी एक वस्त्र नहीं, एक विचार है। मैंने देखा कि इन दिनों खादी के प्रति काफी रुचि बढ़ी है। मैं कोई खादीधारी बनने के लिए नहीं कह रहा हूं, लेकिन जब अलग-अलग तरह के परिधान होते हैं तो एक खादी क्यों न हो।”

उन्होंने कहा था, “दो अक्टूबर से खादी में छूट दी जाती है। मैं फिर एक बार आग्रह करूंगा, खादी का जो अभियान चला है, उसको हम और आगे चलायें और बढ़ायें। खादी खरीद कर गरीब के घर में दिवाली का दीया जलायें। इस भाव को लेकर हम काम करें। हमारे देश के गरीब को इस कार्य से एक ताकत मिलेगी।”

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की बातों का लोगों के दिलो-दिमाग पर गहरा असर हुआ है। लोग खादी को महत्व देने लगे हैं। वित्त वर्ष 2019-20 में केवीआईसी का कारोबार 88,887 करोड़ रुपये का था। लेकिन 2020-21 में खादी आयोग ने अपने कारोबार में 7.71 फीसदी की बढ़ोत्तरी की है। साधारण व्यापारी भी मानते हैं कि कोरोना महामारी के कारण पैदा हुई विपरीत परिस्थिति में इस वृद्धि का बड़ा महत्व है।

सच तो यह है कि नरेन्द्र मोदी सरकार में खादी आयोग अपने कारोबार में लगातार वृद्धि दर्ज कर रहा है। 2018-19 की अपेक्षा 2019-20 में खादी आयोग ने अपने कारोबार में 31 प्रतिशत की बढ़ोतरी की थी। इस उद्योग से जुड़े लोग बताते हैं कि प्रधानमंत्री मोदी के शासनकाल में खादी की स्वीकार्यता बढ़ी है और पिछले पांच साल के दौरान ग्रामोद्योग क्षेत्र का उत्पादन और उसकी बिक्री में लगभग 101 प्रतिशत वृद्धि दर्ज हुई है।

वित्त वर्ष 2020-21 में तमाम कारोबार को भारी नुकसान का सामना करना पड़ा। चूंकि 25 मार्च, 2020 से पूरे देश में लॉकडाउन घोषित कर दिया गया था तो इसका सीधा असर उत्पाद और बिक्री पर हुआ। इस दौरान खादी की सभी यूनिटें भी बंद हो गईं। बिक्री केंद्र भी अगले तीन महीने तक बंद रहे। इस तरह पूरा कारोबार प्रभावित हुआ। इसके बावजूद खादी आयोग ने अपने कारोबार को नई ऊंचाई देने में सफलता पाई है।

प्रधानमंत्री मोदी स्वयं हैं खादी के ब्रांड एंबेसडर

लोग-बाग इसका कारण प्रधानमंत्री मोदी की कारोबारी नीति को मान रहे हैं। कपड़ा उद्योग से जुड़े युवा कारोबारी गौरव बर्णवाल कहते हैं, “ग्रामीण उद्योग को विकसित करने का पूरा श्रेय प्रधानमंत्री मोदी को जाता है। वे स्वयं खादी के ब्रांड एंबेसडर हैं। उन्होंने खादी की लोकप्रियता को फिर से स्थापित कर दिया है, जिसका असर खादी आयोग के कारोबार पर दिखाई दे रहा है।”

गौरव कहते हैं कि खादी और मोदी 2014-15 से ही चर्चा में हैं। यह बात सच है कि मैंने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी से पहले किसी राजनेता को खादी के विषय में विचार रखते हुए नहीं सुना। इसलिए खादी की बिक्री में उनके योगदान को खारिज नहीं किया जा सकता है।

यह स्मरण होगा कि 2017 में खादी आयोग के कैलेंडर और डायरी पर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की तस्वीर छापी गई थी। उसे विपक्षी पार्टियों ने बड़ा मुद्दा बना दिया था। तब भाजपा ने कहा था कि “गांधीजी हमारे दिल में हैं। हमारे काम में उनके आदर्श दिखते हैं।” भाजपा ने यह भी दावा किया था कि “कांग्रेस के कार्यकाल के दौरान खादी की बिक्री मात्र 2-7 फीसदी थी, लेकिन भाजपा सरकार में यह बिक्री करीब 35 फीसदी तक बढ़ी है। क्या इससे गांधीजी खुश नहीं होंगे।”

इसके जवाब में कांग्रेस पार्टी ने सतही दलील दी थी। तब कांग्रेस के प्रवक्ता अभिषेक मनु सिंघवी ने कहा था, “खादी की सोच, खादी का प्रचार और चरखा, इसपर महात्मा गांधी के अलावा किसी का अधिकार नहीं हो सकता।” अच्छी बात यह रही कि राजनीतिक पार्टियों की नोक झोंक पर लोगों ने ध्यान नहीं दिया और खादी को अपनाते गये।

जब कभी खादी के प्रचार का अवसर आया, प्रधानमंत्री मोदी ने उस अवसर का भरपूर सदुपयोग किया। 18 अक्टूबर, 2016 में जब प्रधानमंत्री पंजाब गए तो वहां 500 महिलाओं को चरखा दिया। यह घटना उस अवसर की याद दिलाती है, जब 1945 में महात्मा गांधी के कहने पर के. कामराज ने 500 चरखे बांटे थे।

जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय में शोधार्थी रहे विकास सिंह कहते हैं, “महात्मा गांधी का मानना था कि खादी के जरिये गांव-गांव में रोजगार के अवसर पैदा हो सकते हैं। इसलिए वे खादी को गांव-गांव पहुंचाना चाहते थे। इसके लिए उन्होंने कई रचनात्मक कदम उठाए। यहां तक कि खादी और चरखा को जीवन पद्धति और जीवन मूल्य से जोड़ा।” आगे वे कहते हैं कि आज गांधीजी के सपने को प्रधानमंत्री मोदी आगे बढ़ा रहे हैं।

आंकड़े भी इस बात को सही बताते हैं। इसका प्रमाण यह है कि 2017 में जब केवीआईसी का कैलेंडर विवाद चल रहा था, तो उस वर्ष खादी की बिक्री में 34 फीसदी वृद्धि हुई थी।

Webvarta News Paper (17 June 2021)

0
Webvarta News Paper (17 June 2021)

Please wait while flipbook is loading. For more related info, FAQs and issues please refer to DearFlip WordPress Flipbook Plugin Help documentation.

Webvarta News Paper (04th June 2021)

0
Webvarta Newspaper Logo

[pdf-embedder url=”https://webvarta.in/wp-content/uploads/2021/06/Webvarta-News-Paper-04th-June-2021.pdf” title=”Webvarta News Paper (04th June 2021)”]

Webvarta News Paper (03rd June 2021)

0
Webvarta Newspaper Logo

Please wait while flipbook is loading. For more related info, FAQs and issues please refer to DearFlip WordPress Flipbook Plugin Help documentation.