New Digital Rule को लेकर बोले सुंदर पिचाई- नियमों का पूरी तरह पालन करेगा Google

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sundar pichai on new digital rule

नई दिल्ली, 27 मई (वेबवार्ता)। 3 महीने पहले भारत सरकार द्वारा जारी की गई नए आईटी कानून (New Digital Rule) को अभी कई कंपनियों ने अपना स्टैंड क्लियर नहीं किया है। हालांकि भारत के नए आईटी कानून को लेकर गूगल (Google) ने अपना रूख साफ कर दिया है।

गूगल (Google) और अल्फाबेट सीईओ सुंदर पिचाई (Sundar Pichai) ने गुरुवार को कहा कि कंपनी बुधवार से लागू हुए भारत के संशोधित आईटी नियमों का पालन करने के लिए प्रतिबद्ध है। पिचाई (Sundar Pichai) ने एक वीडियो कॉन्फ्रेंस में कहा कि जाहिर तौर पर अभी शुरुआती दिन हैं और हमारी लोकल टीमें बहुत बिजी हैं। आप जानते हैं कि हम स्थानीय कानूनों का पालन करते हैं और हम उसी ढांचे के साथ संपर्क करेंगे।

एशिया प्रशांत क्षेत्र के चुनिंदा पत्रकारों के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंस के दौरान पिचाई (Sundar Pichai) ने यह भी बताया कि हम सूचना के मुक्त प्रवाह को बढ़ावा देने, सूचना के महत्व को शामिल करते हैं और समझाते हैं, हम लोकतांत्रिक देशों में विधायी प्रक्रियाओं का सम्मान करना चाहते हैं। इसके साथ ही उन्होंने बताया कि कानूनों की अनुपालन करने के लिए प्रतिबद्ध हैं। जिस हद तक यूजर्स के बारे में जानकारी के लिए हम अनुपालन करते हैं और हम इसे अपनी पारदर्शिता रिपोर्ट में शामिल करेंगे। यह एक ढांचा है जिसके साथ हम इसे दुनिया भर में संचालित करेंगे।

दरअसल, भारत ने बुधवार को इंटरनेट और सोशल मीडिया (Social Media) कंपनियों को एक मैसेज भेजकर सरकार को अपडेट करने को कहा कि क्या उन्होंने नियमों का पालन किया है। नए नियमों (New Digital Rule) के तहत भारत में 50 लाख से अधिक यूजर्स वाली इंटरनेट और सोशल मीडिया कंपनियों के लिए स्थानीय शिकायत अधिकारी, मुख्य अनुपालन अधिकारी और एक नोडल संपर्क व्यक्ति होना जरूरी है, जिनकी डिटेल के साथ-साथ पता उनकी वेबसाइट पर पब्लिश किया जाता है। यूजर्स की पहचान स्थापित करने के साधन के रूप में स्वैच्छिक सत्यापन के प्रावधान के साथ-साथ नियमों में प्रवर्तक का पता लगाने की क्षमता भी अनिवार्य है।

केंद्र ने गाइडलाइंस के पालन पर पूरा जोर दिया है। इसके एक दिन बाद गुरुवार को भाजपा (BJP) ने गाइडलाइन (New Digital Rule) को लेकर रुख स्पष्ट कर दिया है। भाजपा ने कहा है कि यूजर की प्राइवेसी का सरकार सम्मान करती है, लेकिन गंभीर मामलों में वॉट्सऐप को हमें जानकारियां देनी ही होंगी। केंद्रीय कानून मंत्री रविशंकर प्रसाद ने भी नियमों पर सरकार का रुख साफ किया। इस बीच, गूगल (Google) और ट्विटर (Twitter) ने गाइडलाइंस पर अपना नजरिया बताया है। जानिए अब तक गाइडलाइंस पर किसने क्या कहा..

भाजपा: सरकार का नजरिया सोशल मीडिया (Social Media) पर बताया

भाजपा ने अपनी पोस्ट में केंद्र की स्थिति स्पष्ट की है। पोस्ट में लिखा गया है- वॉट्सऐप (Whatsapp) प्राइवेसी पॉलिसी को अनिवार्य बनाना चाहती है, जिसमें वह अपने यूजर का डेटा मूल कंपनी फेसबुक के साथ शेयर करना चाहती है। दूसरी ओर वह लॉ एंड ऑर्डर बनाए रखने और फेक न्यूज (Fake News) पर रोक लगाने के लिए जरूरी गाइडलाइंस (New Digital Rule) को लागू न करने के लिए हर कोशिश करती है।

हमारा यूजर्स की निजता का उल्‍लंघन करने का कोई इरादा नहीं है। भारत में चलाए जा रहे कोई भी ऑपरेशन यहां के कानून के दायरे में आते हैं। वॉट्सऐप (Whatsapp) की ओर से गाइडलाइंस का पालन करने से इनकार करना साफ-साफ इसकी अवहेलना है। एक अहम सोशल मीडिया इंटरमीडियरी के रूप में वॉट्सऐप आईटी एक्ट के प्रावधानों के मुताबिक सुरक्षा चाहती है। यह सही नहीं है। वे इससे बचना चाहते हैं।

कानून मंत्री: आम वॉट्सऐप यूजर्स को डरने की जरूरत नहीं

वहीं, रविशंकर प्रसाद ने कहा कि नए नियम से आम वॉट्सऐप (Whatsapp) यूजर्स को डरने की जरूरत नहीं है। इसका मकसद यह पता लगाना है कि नियमों में बताए गए कुछ अपराधों को अंजाम देने वाले संदेश की शुरुआत किसने की। उन्होंने कहा कि ऑफेंसिव मैसेज के पहले ओरिजिनेटर के बारे में जानकारी देना पहले से ही प्रचलन है। ये मैसेज भारत की संप्रभुता, अखंडता और सुरक्षा, सार्वजनिक व्यवस्था, बलात्कार, बाल यौन शोषण से संबंधित अपराधों से संबंधित हैं।

गूगल: किसी भी देश के नियमों का सम्मान करते हैं

गूगल (Google) के सीईओ सुंदर पिचाई ने कहा कि हम सरकार ने IT नियमों का पालन करने के लिए प्रतिबद्ध हैं। अभी शुरूआती दौर है और हमारी लोकल टीमें इसमें काफी व्यस्त हैं। किसी भी देश के स्थानीय नियमों का हम सम्मान करते हैं और हमारा नजरिया इस दिशा में रचनात्मक रहता है। हमारी ट्रांसपेरेंसी रिपोर्ट स्पष्ट हैं। जब हम किसी सरकार की अपील पर अमल करते हैं तो इसे इस रिपोर्ट में हाईलाइट करते हैं।

ट्विटर: भारत में अपने कर्मचारियों को लेकर चिंता

ट्विटर ने गुरुवार को कहा कि भारत में बने नियमों में से जिसे हम लागू कर सकते हैं, उसे लागू करने की कोशिश करेंगे। लेकिन, हम अभिव्यक्ति की आजादी और पुलिस की धमकाऊ प्रवृत्ति को लेकर चिंतित हैं। हम नियमों को लागू करने के लिए तैयार हैं, लेकिन ये पूरी तरह पारदर्शिता के उसूलों के साथ होगा। हम भारत के लोगों के लिए प्रतिबद्ध हैं। हमारी सर्विस भारत में कम्युनिकेशन के लिए प्रभावी जरिया साबित हुई है। महामारी के समय ये संबल का जरिया भी बनी है। हम भारत में अपने कर्मचारियों के साथ हुई घटनाओं को लेकर भी परेशान हैं। हम पूरे मामले में भारत सरकार के साथ अपनी बातचीत को जारी रखेंगे। हमारा मानना है कि इस मामले में दोनों ओर से सहयोगात्मक रवैया अपनाना जरूरी है।

वॉट्सऐप: कोर्ट में कहा- निजता का उल्लंघन

वॉट्सऐप (Whatsapp) ने दिल्ली हाईकोर्ट में कहा कि सरकार के इस फैसले से लोगों की प्राइवेसी खत्म हो जाएगी। वॉट्सऐप के प्रवक्ता ने बताया कि मैसेजिंग ऐप से चैट को इस तरह से ट्रेस करना लोगों की निजता के अधिकार का उल्लंघन होगा। हमारे लिए यह वॉट्सऐप पर भेजे गए सारे मैसेज पर नजर रखने जैसा होगा, जिससे एंड-टू-एंड एन्क्रिप्शन का कोई औचित्य नहीं बचेगा।

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