Kadaknath Farming: ‘कड़कनाथ’ से होगी तगड़ी कमाई, धोनी ने भी पाल रखे हैं हेल्थ बेनेफिट वाले ये मुर्गे

0
101

Webvarta Online Desk: Kadaknath Farming: मुर्गों की एक प्रजाति होती है कड़कनाथ (Kadaknath Breed)। ये मुर्गे पूरे काले होते हैं और इनका मांस और खून भी काला होता है। आदिवासी इलाके में यह कालीमासी (Kalimasi) के नाम से मशहूर है। इनके अंडे हल्के गुलाबी होते हैं।

कड़कनाथ मुर्गों (Kadaknath Breed)से स्वास्थ्य को भी कई फायदे हैं। हाई बीपी वाले लोगों और बुजुर्गों के लिए यह काफी फायदेमंद होता है। तमाम हेल्थ बेनेफिट (Health Benefits of Kadaknath) की वजह से ही इस मुर्गे की मांग भी खूब होती है और ये बिकता भी काफी महंगा है। ऐसे में अगर आप पॉल्ट्री फार्म का बिजनस (How to start a Kadaknath breed Poultry Farm) शुरू करने की सोच रहे हैं तो कड़कनाथ मुर्गों से आप कड़क कमाई (profit in Poultry Farm business) कर सकते हैं।

अच्छी बात तो ये है इसके लिए सरकार की तरफ से मदद भी मिलती है। वहीं पालने के लिए कड़कनाथ चूजों की मांग इतनी ज्यादा है कि मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ के कृषि विज्ञान केंद्र (KVK) समय पर चूजे उपलब्ध नहीं करा पा रहे हैं। भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व कप्तान महेंद्र सिंह धोनी ने भी ये मुर्गे पाले हुए हैं। 90 के दशक में कड़कनाथ प्रजाति विलुप्ति की कगार पर पहुंच गई थी, लेकिन बाद में वैज्ञानिकों की मदद से इस प्रजाति को नया जीवन मिला।

कैप्टन कूल ने भी पाले हैं कड़कनाथ मुर्गे

महेंद्र सिंह धोनी (MS Dhoni Kadaknath farming) ने क्रिकेट की दुनिया में तो अपना लोहा मनवाया ही, वह खेती-किसानी में भी कम नहीं हैं। उन्होंने कड़कनाथ मुर्गे भी पाले हुए हैं। पिछले ही साल नवंबर के दौरान ये खबर आई थी कि उन्होंने करीब 2000 चूजों का ऑर्डर दिया है। मध्य प्रदेश के झाबुआ से ये फेमस कड़कनाथ मुर्गों के चूजे मंगाए गए थे। अभी तो उनके फार्म में मुर्गे-मुर्गियां बड़े भी हो गए हैं। पिछले ही दिनों एक खबर आई थी कि रांची के बाजार में धोनी के कड़कनाथ मुर्गे और अंडे बिक्री के लिए आए थे।

कितने रुपये में बिकते हैं कड़कनाथ मुर्गे और अंडे

कड़कनाथ मुर्गों में फैट और कोलेस्ट्रोल बहुत ही कम होता है, जबकि इसमें प्रोटीन की भरमार होती है। स्वास्थ्य से जुड़े फायदों की वजह से ही इसकी कीमत भी 1000 रुपये से 1200 रुपये प्रति किलो तक होती है। यही नहीं, इस मुर्गो को 1 किलो का होने में करीब 8 महीने का वक्त लग जाता है, जबकि ब्रॉयलर मुर्गे 2 महीने से भी कम समय में 1 किलो के हो जाते हैं। इसकी वजह से भी ये मुर्गे महंगे होते हैं। इसके एक मुर्गे पर करीब 500-600 रुपये तक का खर्च आ जाता है। इसके अंडे भी करीब 30-35 रुपये में बिकते हैं और अंडे देनी वाली कड़कनाथ मुर्गी तो 3-4 हजार रुपये में बिकती है। उत्तराखंड, यूपी, बिहार, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, गुजरात और राजस्थान जैसे राज्यों में भी इसकी फार्मिंग होने लगी है।

सरकार भी देती है मदद

कड़कनाथ मुर्गों के पालन को सरकार भी बढ़ावा दे रही है। अगर आप कड़कनाथ मुर्गों का पालन करना चाहते हैं तो कृषि विज्ञान केंद्र से चूजे ले सकते हैं। मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ सरकारें कड़कनाथ मुर्गा पालन को बढ़ावा देने के लिए कई तरह की योजनाएं भी चला रही हैं। अगर बात छत्तीसगढ़ की करें तो 53 हजार रुपये जमा करने पर सरकार तीन किस्तों में 1000 चूजे, 30 मुर्गियों के शेड और 6 महीने तक का दाना मुफ्त में देती है।

वहीं टीकाकरण से लेकर स्वास्थ्य संबंधी देखभाल की जिम्मेदारी भी सरकार उठाती है। मुर्गों के बड़े होने पर मार्केटिंग का काम भी सरकार करती है। वहीं मध्य प्रदेश में सरकार अंडे सेने के लिए हैचर मशीन मुफ्त में दे रही है। कड़कनाथ का जीआई टैग पाने के लिए मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ आमने सामने थे, लेकिन आखिरकार मध्य प्रदेश को कड़कनाथ का जीआई टैग मिला।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here