Petrol Diesel Price: चुनावी मौसम के बाद रॉकेट की तरह ऊपर भागेंगे पेट्रोल-डीजल के दाम!

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Webvarta Desk: घरेलू बाजार (Domestic Market) में पेट्रोल और डीजल के दाम (Petrol Diesel Price) में कोई फेरबदल नहीं हुआ। हालांकि, इसी समय अंतरराष्ट्रीय बाजार (International Market) में कच्चे तेल के दाम (Crude Oil Price) में भारी बढ़ोतरी के संकेत मिले हैं।

पिछले इतिहास को देखते हुए लगता है कि पांच राज्यों में हो रहे विधानसभा चुनाव की वजह से पेट्रोल-डीजल के दाम (Petrol Diesel Price) को छेड़ा नहीं जा रहा है। ऐसा ही बिहार विधानसभा चुनाव के समय भी हुआ था।

चुनावी मौसमम तो नहीं है वजह

अभी चुनावी मौसम है, इसलिए पेट्रोल तथा डीजल के दाम (Petrol Diesel Price) में स्थिरता है। मगर असम, केरल, तमिल नाडु, पुडुचेरी और पश्चिम बंगाल में चुनावों के बाद पेट्रोल तथा डीजल के रिटेल दाम में तेज बढ़ोतरी होने की आशंका है। इसका कारण है कच्चे तेल के दाम का सोमवार को 70 डॉलर प्रति बैरल के पार चला जाना।

हालांकि बीते सोमवार को शाम तक यह करीब दो डॉलर घट गया था। लेकिन मंगलवार को शुरूआती कारोबार में ही यह फिर 0.50 डॉलर चढ़ गया। जानकारों का कहना है कि आने वाले समय जो हालात है, उसमें कच्चे तेल के दाम 80 से 90 डॉलर प्रति बैरल तक जा सकते हैं।

सरपट भागेगी कीमत!

इस समय कई स्थानों पर पेट्रोल की कीमतें 100 रुपए प्रति लीटर के पार निकल गई हैं। ऐसे में केंद्र सरकार पर एक्साइज ड्यूटी घटाने का दबाव बन रहा है। अभी पांच राज्यों में चुनाव को देखते हुए केंद्र सरकार एक्साइज ड्यूटी में कमी का फैसला कर सकती है।

इस समय सरकारी तेल कंपनियां भी इस समय पेट्रोल व डीजल के दामों में बढ़ोतरी करने से कतरा रही हैं। लेकिन ये कंपनियां ज्यादा दिनों तक घाटा सह नहीं सकती हैं। जब चुनाव खत्म होगा, उसके बाद फिर से कीमतें तेज गति से बढ़ सकती हैं। क्योंकि कच्चे तेल की कीमतें 90 डॉलर तक जाने का अनुमान है।

क्या है तेजी का कारण

पिछले चार दिनों के दौरान ही अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में करीब 6 डॉलर प्रति बैरल की बढ़ोतरी हो चुकी है। यह पिछले दो साल का हाई लेवल है। अप्रैल 2019 में कच्चे तेल का दाम 69 डॉलर प्रति बैरल पर था जो सोमवार को 70 डॉलर तक चला गया।

दरअलस ओपेक तथा अन्य तेल उत्पादक देशों की पिछले सप्ताह गुरुवार को हुई बैठक में कच्चे तेल का उत्पादन बढ़ाने पर सहमति नहीं बनी। उधर, कल ही सउदी अरब के आॅयल इंफ्रास्ट्रक्चर पर ड्रोन और मिसाइल से हमला हुआ है। इससे सेंटिमेंट खराब हुआ है।

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