PM Modi ने समझाया कैसे प्राइवेट सेक्टर से होगा देश का संपूर्ण विकास, बनेगा आत्मनिर्भर भारत

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Webvarta Desk: PM Modi on Private Sector: पीएम मोदी (PM Narendra Modi) ने शनिवार को आत्मनिर्भर भारत (Aatma Nirbhar Bharat) के लिए राज्यों से एक खास अपील की है। ये अपील निजी क्षेत्र को बढ़ावा देने के लिए है।

उन्होंने (PM Narendra Modi) कहा कि संपूर्ण विकास (PM Modi on Private Sector) के लिए केंद्र और राज्य को साथ मिलकर काम करना होगा। पीएम मोदी ने नीति आयोग (Niti Aayog) की काउंसिल को संबोधित करते हुए कहा कि देश के विकास की यात्रा में निजी क्षेत्र पूरे जोश के साथ आगे आ रहा है।

आत्मनिर्भर भारत अभियान के तहत दें मौके!

पीएम (PM Modi on Private Sector) ने कहा कि सरकार को भी उनके इस जोश का सम्मान करना चाहिए और आत्मनिर्भर भारत अभियान के तहत जितना मुमकिन हो सके, उतने मौके देने चाहिए। बता दें कि नीति आयोग की इस काउंसिल में सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के मुख्यमंत्री, खास मंत्री और पॉलिसी बनाने वाले टॉप अधिकारी शामिल थे।

बजट को मिली शानदार प्रतिक्रिया

पीएम मोदी (PM Modi on Private Sector) ने ये भी कहा कि इस साल के बजट पर लोगों की शानदार प्रतिक्रिया मिली है। वह बोले कि अब देश बिना समय बर्बाद किए तेजी से आगे बढ़ना चाहता है। आत्मनिर्भर भारत अभियान की मदद से ऐसा भारत बनाया जा सकता है कि जो ना सिर्फ अपनी जरूरतें पूरी करेगा, बल्कि दुनिया की जरूरतों को भी पूरा करने की ताकत रखेगा।

राहुल गांधी के जवाब भी है पीएम मोदी की ये बात

इसी महीने संसद में पीएम मोदी ने अपनी स्पीच में भी एंट्राप्रेन्योर्स को बढ़ावा देने पर जोर दिया था। उन्होंने कहा था कि प्राइवेट एंटरप्राइज को बढ़ावा नहीं देने का मतलब है युवाओं की क्षमता पर भरोसा ना करना और उनकी मंशा पर शक करना।

बता दें कि कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी और पूंजीवाद के खिलाफ काम करने वाले कार्यकर्ताओं ने सरकार की ओर से बैंकों और कंपनियों के निजीकरण का विरोध किया है और पीएम मोदी का ये बयान उनके आरोपों के बाद आया है।

किसानों को फायदा देने के लिए रिफॉर्म की जरूरत

पीएम मोदी ने कहा कि देश के किसानों को फायदा पहुंचाने के लिए भी रिफॉर्म की जरूरत है। इसके लिए बेहतर इंफ्रास्ट्रक्चर और तकनीक की जरूरत है ताकी स्टोरेज और प्रोसेसिंग को बढ़ावा मिले, जिससे कम से कम सामान खराब हो। वह बोले कि खाने के तेल का आयात करने में 65 हजार करोड़ रुपये खर्च हो गए, हम इसे रोक सकते हैं और ये पैसे किसानों के खातों में पहुंचाया जा सकता है।

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