संघर्ष के बाद ही कामयाबी का मजा : जयविजय सचान

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Jayvijay Sachan

संघर्ष और जोखिम उठाने के बाद जब सफलता हाथ लगती है तो उसका मजा कई गुणा बढ़ जाता है। इसके अलावा सोने पर सुहागा तब हो जाता है जब गरीबी से लडकर मुकाम हासिल किया जाए। इस बात में कोई दो राय नहीं हैं कि जो लोग मेहनत व लगन के साथ तपस्या करते हुए अपनी जगह बनाते हैं व निश्चित तौर पर कामयाब भी होते हैं। विरासत में मिले मुकाम व अपनी मेहनत से मिले काम में पाताल-आसान का फर्क होता है। ऐसे ही संघर्ष करते हुए मिमिक्री की दुनिया में अपना स्थान बनाने वाले जयविजय सचान से योगेश कुमार सोनी की एक्सक्लूसिव बातचीत..

अपने सफर के बारे में बताइये?

जिंदगी में कुछ अलग व बेहतर करने की इच्छा हमेशा से रही है लेकिन अपने टैलेंट को बेहतर तरीके से प्रदर्शित करके मुकाम हासिल करना बहुत मुश्किल होता है। बचपन से मिमिक्री को शौक था लेकिन मन में यह ही डर था कि मुझे मौका कैसे मिलेगा। लेकिन कहीं न कहीं ऑडिशन देता रहता था। कॉमेडी व मिमिक्री में 2004 में बुंदेलखंड यूनिवर्सिटी का खिताब जीता था। इसके बाद मैं लगातर नार्थ जोन यूनिवर्सिटी व लखनऊ महोत्सव में कंपटीशन जीता था। लेकिन अभी भी जितनी बड़ी चाहत थी वो पूरी नहीं हो पा रही थी। मध्यम वर्ग परिवार से था तो करियर को सेट करना है जिसके लिए मीडिया का कोर्स करके मैंने एक चैनल में बतौर एंकर काम करना शुरु कर दिया। लेकिन साथ-साथ मैं ऑडिशन देता रहता था।

मिमक्री में मौका कैसा मिला?

Jayvijay-Sachanऑडिशन के दौरान मेरा ‘इंडियाज गॉट टैलेंट’ में मेरा सलेक्शन हो गया था। वहां जाना मुझे बहुत बडा रिस्क लग रहा था। एक तरफ नौकरी छोडनी थी, दूसरी ओर इतने बडे खिताब में अपनी जगह बनाना। चूंकि मेरा पास इतना पैसा भी नहीं होता था कि मैं कुछ दिन भी बिना पैसों के संचालित कर पाता लेकिन मन में एक ही बात थी कि इतना बडा मौका बार-बार नहीं मिलता, इसलिए इच्छाशक्ति के साथ मैंने ‘इंडियाज गॉट टैलेंट’ का में जाने का निर्णय लिया और बाद जिंदगी बदलने लगी। कुछ ही समय बाद मेरे पास सब टीवी से ‘द ग्रेड इंडियन फैमिली ड्रामा’ कार्यक्रम के लिए कॉल आया। इस कार्यक्रम में काम करते-करते मुझे इतनी प्रसिद्धि मिली की मुझे और भी शो मिलने शुरु हो गए।

जिंदगी का सबसे बडा ट्रनिंग प्वाइंट क्या रहा?

जब कुछ कार्यक्रमों में काम कर चुका था तो किसी माध्यम से मेरी शाहरुख खान सर से मुलाकात हुई थी। उन्होनें मेरी काम की प्रशंसा की और उन्होनें मुझे अपने बहुत सारे प्रोजेक्ट में जोड लिया। उनके शो में काम करने व वाइस ओवर करने को मिले। यहां से लाइफ सेट होनी शुरु हो चुकी थी। 2017 में लाफ्टर चैलेंज में मेरी वाइल्ड कार्ड एंटरी हो गई थी इसके बाद लाइफ ने तरक्की की रफ्तार पूरी तरह से पकड ली थी। इसके बाद तो मुंबई मुझे जम गई थी। कपिल शर्मा के शो में भी काम करने को मिला!

क्या आपने मिमिक्री की ट्रेनिंग ली थी?

मिमिक्री का कोई कोर्स नहीं होता। हां, इसको एक्टिंग का पार्ट माना जा सकता है लेकिन जो लोग यह करते हैं यह उनके खून में बचपन से ही शामिल होती है। मैं हमेशा इंफोमिमिक्री को ही करता हूं। मिमिक्री में अश्लीलता करना मुझे बिल्कुल पसंद नहीं है। किसी करेक्टर को आप अपने शब्दों में जब पिरोते हो तो बहुत सावधानी बरतनी होती है।

जिंदगी का कोई अच्छा या बुरा किस्सा?

इंसान की जिंदगी खुद एक सुंदर किस्सा है लेकिन जब मेरी जिंदगी में खुशियां भर रही थी उस दौरान मेरे साथ बेहद दर्दनाक घटना घटी। मैं एक बहुत बडा शो कर रहा था और मेरी मां मुझे लगातार फोन कर रही थी फिर जैसे ही फोन उठाया मां ने कहा तेरा भाई इस दुनिया में नहीं रहा। यह सुनने के बाद सब कुछ अजीब सा लग रहा था और उस ही दौरान मेरा शो के लिए मेरा नाम बोला जा चुका था जो मुझे करना पडा था, मैं मना नहीं कर सकता था। बहुत मुश्किल था कि जिसके घर में मौत हो गई और चिता को आग भी न लगी हो और उसे लोगों का हंसाना पड़े। यह मेरी जिंदगी के सबसे कष्टकारी पल थे।

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