G20 बैठक से पहले रूस की दुनिया को चेतावनी, अगर हमारी बात को नजरअंदाज किया तो…

मॉस्को. वर्ष 2004 से राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के विदेश मंत्री रहे लावरोव 9-10 सितंबर को होने वाली जी-20 देशों की बैठक में रूस का प्रतिनिधित्व करेंगे. रूस के विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव ने शुक्रवार को कहा कि रूस इस महीने होने वाले G20 शिखर सम्मेलन की अंतिम घोषणा को तब तक रोकेगा जब तक कि यह यूक्रेन और अन्य संकटों पर मॉस्को की स्थिति को प्रतिबिंबित नहीं करता.

यूक्रेन में युद्ध अपराधों के संदेह में मार्च में अंतरराष्ट्रीय अपराध न्यायालय द्वारा पुतिन के खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी किए जाने के बाद से उन्होंने विदेश यात्रा नहीं की है. लावरोव ने प्रतिष्ठित मॉस्को स्टेट इंस्टीट्यूट ऑफ इंटरनेशनल रिलेशंस में छात्रों से कहा, ‘अगर हमारा रुख प्रतिबिंबित नहीं होता है तो सभी सदस्यों की ओर से कोई सामान्य घोषणा नहीं की जाएगी.

यूक्रेन युद्ध पर पश्चिमी देशों पर आरोप
क्रेमलिन ने यूक्रेन युद्ध, जो फरवरी 2022 में रूस के आक्रमण के बाद शुरू हुआ था, को एक अहंकारी पश्चिम के साथ अस्तित्व की लड़ाई के रूप में पेश किया है, जिसके बारे में पुतिन का कहना है कि वह रूस को नष्ट करना चाहता है और उसके विशाल प्राकृतिक संसाधनों पर नियंत्रण करना चाहता है.

पश्चिमी देशों ने किया इनकार
पश्चिमी देशों ने ऐसे किसी भी इरादे से इनकार किया है, लेकिन कहा है कि वह चाहता है कि यूक्रेन युद्ध के मैदान में रूस को हरा दे. आक्रमण के जवाब में कई दौर के व्यापक आर्थिक प्रतिबंध लगाए हैं, जिसे रूस “विशेष सैन्य अभियान” कहता है. चीन, भारत और ब्राजील जैसी अन्य प्रमुख शक्तियों ने शांति का आह्वान किया है, लेकिन मास्को के साथ अपने स्वयं के संबंध निर्धारित करने का अधिकार भी सुरक्षित रखा है. चीन ने पश्चिमी देशों पर यूक्रेन को हथियारों की आपूर्ति कर युद्ध को हवा देने का आरोप लगाया है.

यूक्रेन का मुद्दा हमारे लिए बंद
लावरोव ने कहा कि पश्चिमी देशों ने शिखर सम्मेलन की तैयारी कर रही बैठकों में यूक्रेन का मुद्दा उठाया था, जिस पर रूस ने जवाब दिया था कि ‘यह मुद्दा हमारे लिए बंद हो गया है. उन्होंने पश्चिमी देशों पर अपने एजेंडे को आगे बढ़ाकर अंतरराष्ट्रीय संस्थानों को कमजोर करने का आरोप लगाया और सुझाव दिया कि अगर जी-20 की बैठक में आम सहमति नहीं बन सकी तो जी-20 की अध्यक्षता में एक गैर बाध्यकारी विज्ञप्ति जारी की जा सकती है. लावरोव ने कहा, ‘एक अन्य विकल्प यह है कि एक दस्तावेज अपनाया जाए जो जी-20 क्षमताओं के क्षेत्र में विशिष्ट निर्णयों पर केंद्रित हो और बाकी सभी को अपनी ओर से कहने दें.

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