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Tuesday, July 19, 2022

आखिर कौन हैं द्रौपदी मुर्मू जिन्‍हें बीजेपी ने बनाया है राष्ट्रपति उम्मीदवार? यहां जानें

वेबवार्ता: Draupadi Murmu BJP presidential candidate: बीजेपी ने राष्‍ट्रपति पद के लिए अपने उम्‍मीदवार का ऐलान कर दिया है। इसके लिए उसने द्रौपदी मुर्मू (Draupadi Murmu) का चुनाव किया है। मुर्मू झारखंड की राज्‍यपाल रह चुकी हैं।

राज्‍यों और केंद्र में जिस तरह की स्थितियां हैं, उससे एनडीए के उम्‍मीदवार का राष्‍ट्रपति बनना तकरीबन तय है। विपक्ष की ओर से देश के सबसे बड़े पद के लिए मंगलवार को ही पूर्व केंद्रीय मंत्री यशवंत सिन्‍हा (Yashwant Sinha) के नाम की घोषणा की गई। अगर मुर्मू (Draupadi Murmu) मुकाबले में सफल हुईं तो वह देश की पहली आदिवासी महिला राष्ट्रपति होंगी।

मुर्मू के नाम देश की पहली आदिवासी महिला गवर्नर का तमगा भी है। 2015-2021 के बीच वह झारखंड की गवर्नर रही हैं। 20 जून 1958 में जन्‍मीं मुर्मू की पढ़ाई-लिखाई भुवनेश्‍वर के रमादेवी वुमेंस कॉलेज से हुई है। वह स्‍नातक हैं। उनके पति श्‍याम चरण मुर्मू इस दुनिया में नहीं हैं। उनके एक बेटी है। उसका नाम इतिश्री मुर्मू है। इतिश्री का विवाह हो चुका है।

2013 से 2015 तक मुर्मू बीजेपी की एस.टी. मोर्चा की राष्ट्रीय कार्यकारिणी सदस्य रहीं। 2010 में उन्‍होंने मयूरभंज (पश्चिम) से बीजेपी की जिला अध्यक्ष की कमान संभाली। उन्‍हें 2007 में सर्वश्रेष्ठ विधायक के लिए ‘नीलकंठ पुरस्कार’ से सम्मानित किया गया था। 2006-2009 के बीच वह बीजेपी की एस.टी. मोर्चा की प्रदेश अध्यक्ष रहीं। 2004-2009 के बीच मुर्मू ओडिशा के रायरंगपुर से विधानसभा सदस्य थीं।

2002-2009 के बीच मुर्मू ने बीजेपी की राष्ट्रीय कार्यकारिणी सदस्य के तौर पर एस.टी. मोर्चा की जिम्‍मेदारी संभाली। 2000-2004 के बीच वह ओडिशा सरकार में परिवहन और वाणिज्य विभाग की मंत्री रही हैं। 2002-2004 के बीच उन्‍होंने ओडिशा सरकर के पशुपालन विभाग की जिम्‍मेदारी संभाली। 1997 में वह पार्षद बनीं और रायरंगपुर की वाइस-चेयरपर्सन न‍ियुक्‍त की गईं।

द्रौपदी मुर्मू को NDA की राष्ट्रपति पद की उम्मीदवार चुने जाने पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ट्वीट कर कहा, ‘मुझे विश्वास है कि वह एक महान राष्ट्रपति होंगी।’ पीएम ने लिखा, द्रौपदी मुर्मू ने अपना जीवन समाज की सेवा में समर्पित किया है। उन्‍होंने गरीबों, दलितों के साथ हाशिए के लोगों को सशक्त बनाने के लिए अपनी ताकत झोंक दी। उनके पास समृद्ध प्रशासनिक अनुभव है और उनका कार्यकाल उत्कृष्ट रहा है। विश्वास है कि वह देश की एक महान राष्ट्रपति होंगी। लाखों लोग, विशेष रूप से जिन्होंने गरीबी का अनुभव किया है और कठिनाइयों का सामना किया है, वो मुर्मू के जीवन से बड़ी शक्ति प्राप्त करते हैं। नीतिगत मामलों की उनकी समझ और दयालु स्वभाव से देश को बहुत लाभ होगा।

जानिए द्रौपदी मुर्मू के बारे में खास बातें…

  • द्रौपदी मुर्मू का जन्म 20 जून 1958 को ओडिशा के मयूरभंज जिले के बैदापोसी गांव में हुआ था। उनके पिता का नाम बिरंची नारायण टुडू है। वह आदिवासी संथाल परिवार से ताल्लुक रखती हैं।
  • द्रौपदी मुर्मू का विवाह श्याम चरण मुर्मू से हुआ था। दंपति के दो बेटे और एक बेटी हुई। लेकिन शादी के कुछ समय बाद ही उन्होंने पति और अपने दोनों बेटों को खो दिया।
  • घर चलाने और बेटी को पढ़ाने के लिए मुर्मू ने एक टीचर के रूप में अपने करियर की शुरुआत की और फिर उन्होंने ओडिशा के सिंचाई विभाग में एक कनिष्ठ सहायक यानी क्लर्क के पद भी नौकरी की।
  • मां ने नौकरी से मिलने वाले वेतन से घर खर्च चलाया और बेटी इति मुर्मू को पढ़ाया-लिखाया। बेटी ने भी कॉलेज की पढ़ाई के बाद एक बैंक में नौकरी हासिल कर ली। इति मुर्मू इन दिनों रांची में रहती हैं और उनकी शादी झारखंड के गणेश से हो चुकी है। दोनों की एक बेटी आद्याश्री है।
  • द्रौपदी मुर्मू ने साल 1997 में रायरंगपुर नगर पंचायत के पार्षद चुनाव में जीत दर्ज कर अपने राजनीतिक जीवन का आगाज किया था।
  • उन्होंने भाजपा अनुसूचित जनजाति मोर्चा के उपाध्यक्ष के रूप में कार्य किया। साथ ही वह भाजपा की आदिवासी मोर्चा की राष्ट्रीय कार्यकारिणी की सदस्य भी रहीं।
  • द्रौपदी मुर्मू ओडिशा के मयूरभंज जिले की रायरंगपुर सीट से 2000 और 2009 में बीजेपी के टिकट पर दो बार विधायक बनीं।
  • ओडिशा में नवीन पटनायक के बीजू जनता दल और भाजपा गठबंधन की सरकार में द्रौपदी मुर्मू को 2000 और 2004 के बीच वाणिज्य, परिवहन और बाद में मत्स्य और पशु संसाधन विभाग में मंत्री बनाया गया।
  • द्रौपदी मुर्मू मई 2015 में झारखंड की 9वीं राज्यपाल बनाई गई थीं। उन्होंने सैयद अहमद की जगह ली थी। झारखंड हाईकोर्ट के तत्कालीन चीफ जस्टिस चीफ जस्टिस वीरेंद्र सिंह ने द्रौपदी मुर्मू को राज्यपाल पर की शपथ दिलाई थी।
  • झारखंड की पहली महिला राज्यपाल बनने का खिताब भी द्रौपदी मुर्मू के नाम रहा। साथ ही वह किसी भी भारतीय राज्य की राज्यपाल बनने वाली पहली आदिवासी हैं।
  • अगर द्रौपदी मुर्मू देश की राष्ट्रपति बनती हैं, तो वह ओडिशा से देश की राष्ट्रपति बनने वाली दूसरी शख्स होंगी। पता हो कि द्रौपदी मुर्मू से पहले ओडिशा से वीवी गिरी देश के राष्ट्रपति रह चुके हैं।

बता दें कि राष्ट्रपति चुनाव के लिए मतदान 18 जुलाई को होगा और मतगणना 21 जुलाई को होगी। मौजूदा राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद का कार्यकाल 24 जुलाई को खत्म हो रहा है।

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