जम्मू कश्मीर में 1 मई से 18 साल के अधिक आयु के लोगों को नहीं लग पाएगा कोविड टीका

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Covid-19 Vaccine

नई दिल्ली, 29 अप्रैल (वेबवार्ता). पूरे देश में महामारी की तरह फैल रहे कोरोना (Coronavirus) से बचने के लिए कोविड टीका (Coronavirus vaccine) सबसे कारगर हथियार के रूप में उभर कर सामने आ रहा है. कोरोना (Coronavirus) को हराने के लिए 1 मई से पूरे देश में 18 साल से अधिक की आयु के लोगों के लिए टीकाकरण शुरू होगा.

वहीं, जम्मू-कश्मीर स्वास्थ्य विभाग का दावा है कि प्रदेश में यह टीकाकरण (Coronavirus vaccine) करीब 3 हफ्ते तक टलेगा. जम्मू कश्मीर स्वास्थ्य विभाग के फाइनेंशियल कमिश्नर अटल ढुल्लू के मुताबिक यहां 1 मई से 18 साल से अधिक की आयु के लोगों का टीकाकरण शुरू नहीं होगा.

अटल ढुल्लू के मुताबिक प्रदेश सरकार लगातार टीका (Coronavirus vaccine) बनाने वाली कंपनियों से बात कर रही है लेकिन इन कंपनियों ने प्रदेश सरकार को 20 मई के आसपास यह टीका मुहैया कराने की बात कही है.

उन्होंने दावा किया कि टीका (Coronavirus vaccine) बनाने वाली सारी कंपनियां केंद्र सरकार की आर्डर पूरा करने में जुटी है और इसी वजह से प्रदेश को यह टीके देरी से मिलेंगे. अटल ढ़ुल्लू ने बताया कि 20 मई के आसपास जैसे ही टीके प्रदेश सरकार को मिलेंगे इस टीकाकरण को शुरू किया जाएगा.

उन्होंने बताया कि कोरोना (Coronavirus) को हराने के लिए प्रदेश सरकार ने डीआरडीओ (DRDO) की मदद से जम्मू और श्रीनगर में पांच-पांच सौ बेड की क्षमता वाले दो कोविड अस्पताल (Covid Hospital) बनाने की बात की है. उन्होंने कहा कि जम्मू में भगवती नगर और श्रीनगर में एयरपोर्ट के पास इनको भी अस्पतालों का निर्माण जल्द ही शुरू होगा.

अटल ढुल्लू ने प्रदेश में कोरोना (Coronavirus) की स्थिति को चिंताजनक बताते हुए कहा कि सरकार इस महामारी पर नियंत्रण पाने के लिए लगातार काम कर रही है, जिसमें उन्हें आम जनता का भी सहयोग चाहिए. उन्होंने कहा कि आम जनता अगर कोरोना से बचाव के लिए जारी प्रोटोकॉल्स का सख्ती से पालन करें तो इस महामारी को रोकने के लिए उठाए गए कदम ज्यादा कारगर साबित होंगे.

कोविड-19 वैक्सीन (Coronavirus vaccine) लगवाने के लिए आपको क्या करना होगा

बिना रजिस्ट्रेशन के वैक्सीन नहीं लगेगी. कोरोना वैक्सीन के लिए आप पहले से रजिस्ट्रेशन कर अपाइंटमेंट बुक कर सकते हैं. इसके लिए कोरोना वैक्सीन इंटेलिजेंस नेटवर्क कोविन (Co-win)प्लेटफार्म बनाया है. इस प्लेटफार्म पर टीकाकरण से जुड़ा हर डेटा उपलब्ध होगा. 18 साल से अधिक उम्र के लोगों के लिए वॉक इन ( बिना रजिस्ट्रेशन के टीकाकरण) की सुविधा नहीं है. वहीं 45 साल से अधिक लोगों के लिए वॉक इन की सुविधा मिलेगी. यानी 1 जनवरी 1977 से पहले जन्मे लोग बिना रजिस्ट्रेशन के भी वैक्सीनेशन सेंटर पहुंचकर टीका लगवा सकते हैं.

कोरोना वैक्सीन के लिए रजिस्ट्रेशन कैसे होगा

कोरोना वैक्सीन के लिए आरोग्य सेतु एप और कोविन वेबसाइट (cowin.gov.in) पर रजिस्ट्रेशन हो रहा है. इसके लिए आपको यह करना होगा…
मोबाइल नंबर को OTP से वैरिफाई करना होगा.
आधार कार्ड, पैनकार्ड या किसी अन्य फोटो पहचान पत्र के अनुसार जानकारी देनी होगी.
एक मोबाइल नंबर से अधिकतम चार लोगों का रजिस्ट्रेशन हो सकेगा.
सरकारी अस्पतालों में वैक्सीन फ्री में लगेगी. प्राइवेट अस्पतालों में वैक्सीन लगवाने पर शुल्क देना पड़ेगा.
जिन राज्यों ने 18 साल से उपर के लोगों को फ्री वैक्सीन देने के फैसला किया है. वहां भी यहीं व्यवस्था होगी.

इन राज्यों में सभी को फ्री वैक्सीन देने की घोषणा

केंद्र सरकार ने जैसे ही 18 साल से अधिक उम्र के लोगों को वैक्सीनेट करने की घोषणा की, उप्र सरकार से सबसे पहले सभी को फ्री वैक्सीन लगाने का एलान किया. इसके बाद अब तक 24 राज्य और केंद्र शासित प्रदेश फ्री में 18 साल से अधिक उम्र के लोगों को वैक्सीन लगाने की घोषणा कर चुके हैं. इसमें मप्र, छत्तीसगढ़, महाराष्ट्र, हिमाचल, राजस्थान, दिल्ली, बिहार, झारखंड, पंजाब, हरियाणा, सिक्किम, पश्चिम बंगाल, असम, गोवा, तमिलनाडु,तेलंगाना, आंध्रप्रदेश, केरल, ओडिशा, जम्मू-कश्मीर, गुजरात, कर्नाटक, उत्तराखंड शामिल है. 45 साल से अधिक उम्र के लोगों के वैक्सीनेट का खर्च केंद्र सरकार उठा रही है. पश्चिम बंगाल में चुनावों की वजह से 5 मई से टीकाकरण शुरु होगा.

वैक्सीन कितने रुपये में मिलेगी?

तीसरे चरण की शुरुआत के साथ अब राज्य सरकारें, निजी अस्पताल और टीकाकरण केंद्र, वैक्सीन निर्माता कंपनियों से सीधे वैक्सीन ख़रीद सकेंगे. निर्माता कंपनियां अपने स्टॉक का 50% हिस्सा केंद्र सरकार को बेचेंगी और बाक़ी बचे 50% में से राज्य सरकारों और निजी अस्पतालों को देंगी.

कोविशील्ड

सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ़ इंडिया ने कहा है कि वो कोविशील्ड वैक्सीन राज्य सरकारों को प्रति डोज़ 400 रुपये और निजी अस्पतालों को प्रति डोज़ 600 रुपये में देगी. हर व्यक्ति को वैक्सीन की दो डोज़ चाहिए होती है, यानी राज्य सरकार को एक व्यक्ति के लिए 800 रुपये और प्राइवेट अस्पतालों को एक व्यक्ति के लिए 1200 रुपये में वैक्सीन ख़रीदनी पड़ेगी.

कंपनियां बाक़ी बची 50% डोज़ केंद्र सरकार को कम क़ीमत पर देंगी. सीआईआई के सीईओ अदर पूनावाला ने पहले कहा था कि केंद्र सरकार को कोवीशिल्ड 150 रुपये प्रति डोज़ के हिसाब से दी जा रही है. लेकिन उन्होंने अब कहा है कि केंद्र सरकार का मौजूदा ऑर्डर पूरा कर देने के बाद केंद्र सरकार को भी कोविशील्ड प्रति डोज़ 400 रुपये में ही दी जाएगी. सीरम इंस्टीट्यूट ने बताया कि कोविशील्ड अभी खुले बाज़ार में मिलने में 4-5 महीने का वक़्त लगेगा.

कोवैक्सीन

वहीं भारत बायोटेक का कहना है कि वो स्वदेशी कोवैक्सीन राज्यों को प्रति डोज़ 600 रुपये में और प्राइवेट अस्पतालों को 1200 रुपये में देगा. निजी अस्पतालों को अब तक केंद्र सरकार से जितने रुपये में कोवैक्सीन मिल जा रही थी, अब उससे आठ गुना ज़्यादा तक की क़ीमत में लेनी होगी. इसी तरह राज्यों को अब चार गुना ज़्यादा क़ीमत चुकानी होगी. वहीं ध्यान देने वाली बात ये भी है कि निजी अस्पतालों को कोवैक्सीन, कोविशील्ड से दोगुनी क़ीमत में मिलेगी. हालांकि भारत बायोटेक केंद्र सरकार को 150 रुपये प्रति डोज़ के हिसाब से ही वैक्सीन देना जारी रखेगी.

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