शाहजहांपुर में जरूरतमंदों के लिए ऑक्सीजन सिलेंडर का प्रबंध कर रही ‘‘सिलेंडर वाली बिटिया’’

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Cylinder Wali Bitiya

-राम निवास शर्मा-

शाहजहांपुर, 16 मई (वेबवार्ता)। देश में कोरोना वायरस (Coronavirus In India) के बीच ऑक्सीजन की कमी के चलते कई लोगों ने अपने परिवार वालों को खो दिया, वहीं कई लोगों को काफी ज्यादा परेशानी का सामना करना पड़ा। इस बीच अपने पिता को बचाने के लिए शाहजहांपुर की एक बेटी अपने कठिन प्रयासों से न केवल पिता के लिए ऑक्सीजन का प्रबंध किया बल्कि अब वह आम लोगों के लिए भी मदद कर रही है और लोग उसे ‘सिलेंडर वाली बिटिया’ (Cylinder Girl) के नाम से जानने लगे हैं।

कोरोना संक्रमण के बीच ऑक्सीजन की चुनौतियों से जूझ रहे अपने पिता को बचाने के लिए शाहजहांपुर जिले की रहने वाली 26 वर्षीय अर्शी (Cylinder Girl) ने व्यक्तिगत प्रयासों से न केवल पिता के लिए ऑक्सीजन का प्रबंध किया बल्कि अब वह आम लोगों के लिए भी बड़ी मददगार बन गई है और लोग उसे ‘सिलेंडर वाली बिटिया’ के नाम से जानने लगे हैं।

पिता को नहीं मिली ऑक्सीजन

Cylinder Wali Bitiyaशाहजहांपुर नगर के मदार खेल मोहल्ले में रहने वाली अर्शी (Cylinder Girl) के पिता मशहूर की रमजान के पहले ही दिन तबीयत खराब हो गई थी और कोविड की जांच में वह संक्रमित पाए गए। डॉक्टर ने ऑक्सीजन की व्यवस्था करने को कहा था जिसक बाद अर्शी एक अधिकारी के पास गई परंतु उन्होंने यह कहकर मना कर दिया कि घर में एकांतवास में रह रहे मरीजों को ऑक्सीजन नहीं मिलेगी और मरीज को अस्पताल में दाखिल करने की सलाह दी। अर्शी ने बताया कि वह कई जगह गई परंतु उसके पापा के लिए ऑक्सीजन नहीं मिल पाई। वह नगर मजिस्ट्रेट के दफ्तर तक पहुंच गई थी।

व्हाट्सएप पर मिली मदद

अर्शी (Cylinder Girl) ने हमारे संवाददाता को बताया कि वह एक व्हाट्सएप ग्रुप चलाती है जिसमें उसने ऑक्सीजन के लिए मैसेज डाला था जिसपर उत्तराखंड की एक समाजसेवी संस्था ने उसे ऑक्सीजन सिलेंडर मुहैया कराया और उसके पापा ठीक हो पाए। ऑक्सीजन सिलेंडर के लिए होने वाली परेशानी को अर्शी ने बहुत करीब से महसूस किया और इसलिए उसने तय किया कि वह कोविड मरीजों के लिए ऑक्सीजन मुहैया कराएगी।

‘सिलेंडर वाली बिटिया’

इसके बाद अर्शी के ग्रुप तथा फोन पर जिसने भी ऑक्सीजन की जरूरत बताई, अर्शी ने उनकी मदद की। अर्शी ने बताया कि उसने दो खाली सिलेंडर की व्यवस्था की तथा शाहाबाद, हरदोई, उत्तराखंड और शहर से उसने ऑक्सीजन रिफिल कराकर लोगों के घरों तक पहुंचाई। वह नि:शुल्क यह मदद उपलब्ध कराती है। अर्शी करीब 20 ऑक्सीजन सिलेंडर लोगों के घर तक पहुंचा चुकी है और इस काम में उसकी मदद उसके दो भाई तथा उसके ग्रुप से जुड़े लोग कर रहे हैं। अब तो लोग भी उसे सिलेंडर वाली बीटिया के नाम से जानने लगे हैं।

नगर पालिका के पूर्व चेयरमैन तथा समाजवादी पार्टी के जिला अध्यक्ष तनवीर खान ने बताया कि मदार खेल मोहल्ले में रहने वाली अर्शी ने अपने पिता को तो ठीक कर लिया इसके बाद भी एक लड़की होकर कोविड- से संक्रमित लोगों को आक्सीजन सिलेंडर मुहैया करा रही है कोविड-19 के इस दौर में अपनी परवाह न करते हुए अर्सी ने एक ऐतिहासिक कार्य किया है।

वहीं शहर में ही रहने वाले सैयद नावेद ने बताया कि उनके पापा अली मोत्तकी कोविड से संक्रमित हो गए थे और उनका ऑक्सीजन लेवल काफी कम हो गया था ऐसे में अर्सी को फोन किया तो वह भगवान बन कर आई और उसने हमारे पापा के लिए तीन ऑक्सीजन के सिलेंडर की व्यवस्था की “अल्लाह उसकी हर मुराद पूरी करें।”

मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. एसपी गौतम ने बताया कि उनके जिले में ऑक्सीजन की कोई कमी नहीं है जिले के अस्पतालों में भी ऑक्सीजन उपलब्ध है इसके अलावा कोविड से संक्रमित जो लोग घर में एकांतवास में रह रहे हैं उनके लिए नगर मजिस्ट्रेट आवश्यकतानुसार ऑक्सीजन सिलेंडर उपलब्ध करवा रहे हैं।

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