बॉडी वार्न कैम से लैस होकर सड़कों पर उतरी गुजरात पुलिस

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Gujrat Police
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-कलपेश मोदी-
आज गुजरात के गृह मंत्री श्री प्रदीप सिंह जडेजा ने गुजरात पुलिस के अधिकारियों को बॉडी वार्म कैमरा लोकार्पण किया जिस से अब बॉडी वार्न कैम से लैस होकर सड़कों पर उतरी यह कैमरा जहां सारी गतिविधियों को रिकॉर्ड करेगा। वहीं पुलिस की हरकतों पर भी नजर रखेगा। किसी भी प्रकार का हमला या खतरा होने पर लाइव इंफॉर्मेशन कंट्रोल रुम तक पहुंच जाएगी।

गुजरात के मुख्यमंत्री विजय रुपाणी ने पिछले सप्ताह घोषणा की कि गुजरात पुलिस अब बॉडी वार्न कैम से लैस होगी। इसी तरह केंद्रीय गृह मंत्रालय के अधीन संचालित राष्ट्रीय रक्षा शक्ति विश्वविद्यालय में सुपर कंप्यूटर स्थापित किया जाएगा। इससे पुलिस व जांच एजेंसियों को मदद मिलेगी। दो आधुनिक उपकरणों से पुलिस की कार्यप्रणाली में आने वाले बदलावों पर सभी की नजर है।

लाठी बंदूक के साथ कैमरा…

हॉलीवुड की फिल्मों में आधुनिक हथियार, कैमरे व उच्च तकनीक की क्षमता से लैस हीरो बच्चों को बहुत पसंद आते हैं जो अपने गैजेट्स के जरिए अपराधियों व दुश्मनों से दो-दो हाथ करते हैं। इसी तरह गुजरात पुलिस के इंस्पेक्टर लाठी, बंदूक के साथ अब वर्दी पर कैमरा लगाए नजर आएंगे।

मकसद: अनुशासन और भ्रष्टाचार मुक्त पुलिस

यह कैमरा जहां सारी गतिविधियों को रिकॉर्ड करेगा। वहीं पुलिस की हरकतों पर भी नजर रखेगा। पुलिस अधिकारी को अनुशासन में रखने तथा भ्रष्टाचार से मुक्त करने के उद्देश्य से भी सरकार इनको बॉडी कैम से लैस करेगी। यदि पुलिस पर कोई हमला करता है तो उसके सबूत भी इनमें कैद हो जाएंगे। इससे पुलिस की भी सुरक्षा होगी। हमला या कोई खतरा होने पर उसकी लाइव इंफॉर्मेशन कंट्रोल रुम को मिलती रहेगी।

9000 बॉडी वार्न कैमरे का ऑर्डर किया था..

गुजरात में सब-इंस्पेक्टर रैंक से ऊपर के पुलिसकर्मियों के लिए नौ हजार बॉडी वार्न कैमरे मंगवाए हैं। मोबाइल से भी छोटे आकार का बॉडीकैम पुलिस अधिकारी के कंधे के पास / शर्ट के जेब पे लगेगा। यह ऑनलाइन कंट्रोल रुम से जुड़ा होगा। जिससे अधिकारी उन पर सतत नजर रख पाएंगे। इसमें सामने होने वाली घटना की पूरी वीडियो-ऑडियो रिकॉर्डिग होती है 16 मेगा पिक्सल और सेल्फ रिकॉर्डिग और नाइट विजन कैमरा। यह रात में भी काम करेगा पुलिस निरीक्षक तथा उपनिरीक्षक स्तर के अधिकारियों की वर्दी पर लगाया जाएगा। इस कैमरे का डाटा लंबे समय तक सुरक्षित रखा जा सकता है। घटनाक्रम के साक्ष्य का सटीक संकलन किया जा सकता है। पुलिस व नागरिकों के बीच टकराव अथवा विवाद की स्थिति में बॉडी वार्न कैमरा से घटना की पूरी जानकारी का वीडियो उपलब्ध होगा।

सुपर कंप्यूटर

सूचना क्रांति के दौर में आधुनिक तकनीक ने लोगों के सोचने व समझने की शक्ति से परे जाकर ऐसी वर्चुअल दुनिया का निर्माण कर दिया है जो सामान्य लोगों के लिए किसी सपने से कम नहीं है। इसके साथ ही आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस व साइबर क्राइम के चलते भी सुरक्षा व जांच एजेंसियों के लिए सुपर कंप्यूटर जैसी तकनीक आवश्यक बन गई है। सुपर कंप्यूटर से अब ये एजेंसियां आर्टिफीशियल इंटेलिजेंस, मशीन लìनग, हाई परफॉर्मेंस कम्प्यूटिंग, बिग डाटा एनालिटिक्स, ब्लॉक चेन, फेशियल रिकॉग्नाजेशन, इमेज प्रोसेसिंग, रोबोटिक्स और साइबर सिक्योरिटी जैसा प्रबंधन करपाएंगी।

सुपर कंप्यूटर भारत में सबसे शक्तिशाली और सबसे तेज कंप्यूटर है और दुनिया में 62 वें स्थान पर है। यह एक बार में सौ से अधिक यूजर्स को सपोर्ट कर सकता हैं। बिग डाटा एनालिसिस में सक्षम, जो मानव क्षमताओं से परे हैं, अर्थात, मानव इस तरह की व्यापक गणनाओं को हल करने में असमर्थ है। सुपर कंप्यूटर में हजारों प्रोसेसर होते हैं, जो प्रति सेकंड अरबों और खरबों की गणना कर सकते हैं।

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