इनसाईड गेम: सिख राजनीति अब कूटनीतिज्ञ खेल की गिरफ्त में

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Delhi Sikh Gurdwara Prabandhak Committee

नई दिल्ली, 19 अप्रैल (सरदार चरणजीत सिंह )। दिल्ली गुरुद्वारा प्रबंधन कमेटी के चुनाव अपने चरम पर है। सभी की निगाहें इन चुनावों पर टिकी हुई है। एसे समय में कुछ लोग खेला करने की जुगाड़ में है।

सूत्रों के अनुसार दिल्ली सिख गुरूद्धारा प्रबन्धक कमेटी चुनाव व सिखों की प्रभावी राजनीति से जुडी खबर जो कि सिख सियासत के लिये मील का पत्थर साबित होने वाली है वह ये है कि शिरोमणि अकाली दल, बादल एवं मनजिन्दर सिंह सिरसा, व हरमीत सिंह कालका, अलग-थलग पडते नजर आ रहे है।

Delhi Sikh Gurdwara Prabandhak Committee

क्योकि पंथक सेवा दल के अध्यक्ष करतार सिंह कोचर भी कहीं न कहीं परमजीत सिंह सरना की थाली मे खीर खाते समझ आ रहे। सूत्रो की माने तो करतार सिंह कोचर अंदरूनी तरीके से परमजीत सिंह सरना गुट के साथ मिले हुए है। तो वहीं भाजपा, कांग्रेस, एवं आम आदमी पार्टी भी गुप्त रूप से परमजीत सिंह सरना के गुट का समर्थन कर रही है।
अब हालात ये है कि दिल्ली सिख गुरूद्धारा प्रबंन्धन कमेटी के कांटे के चुनावी टक्कर मे जहां सरना गुट को 22 से 27 सीटे मिलती नजर आ रही है। तो वहीं अकाली दल बादल महज 10 से 12 सीटो पर सिमटता नजर आ रहा है।

इस कूटिनैतिज्ञ राजनीति के सूत्रधार सुखदेव सिंह ढीडसा प्रतीत होते नजर आ रहे है। क्योकि जहां एक ओर केन्द्र मे बैठी भाजपा की मोदी सरकार किसान आन्दोलन को पूर्ण तरीके से कुचलना चाहती है, तो वहीं दूसरी तरफ अकाली दल बादल किसान आन्दोलन की आड मे दिल्ली सिख गुरूद्धारा कमेटी का चुनाव जीतने की फिराक मे है। एसे मे सिख संगत परेशानी मे दिख रही है। क्योकि सिख आंगू या सिख समुदाय का कोई लीडर संगत की समस्याओं की बात ही नही कर रहा है, बस सभी लोग सत्ता हथियाने के प्रयास मे है।

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