उमर ने कहा- मेरे परिवार को जबरन किया गया नजरबंद, ट्विटर पर ‘कागज दिखाओ’ लिख की पुलिस की बोलती बंद

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Webvarta Desk: नैशनल कॉन्फ्रेंस के उपाध्यक्ष उमर अब्दुल्ला (Omar Abdullah) ने रविवार को दावा किया कि उन्हें और उनके पिता एवं सांसद फारूक अब्दुल्ला (Farooq Abdullah) समेत परिवार के सदस्यों को अधिकारियों ने नजरबंद कर दिया है।

हालांकि पुलिस ने कहा कि पुलवामा हमले (Pulwama Attack) की दूसरी बरसी के संदर्भ में मिली खुफिया जानकारी के मद्देनजर सुरक्षा घेरे में आने वाले कई लोगों को घर में रहने के निर्देश दिए गए थे। इससे पूर्व उमर अब्दुल्ला (Omar Abdullah) और उनके पिता फारूक अब्दुल्ला (Farooq Abdullah) अनुच्छेद 370 के अंत के बाद भी सुरक्षा के मद्देनजर हिरासत में रखा गया था।

वहीं पुलवामा हमले की बरसी के दिन उमर ने ट्वीट किया, ‘यह अगस्त 2019 के बाद नया जम्मू कश्मीर है। हमें बिना कोई कारण बताए, हमारे घरों में बंद कर दिया गया है। इससे बुरा और क्या हो सकता है कि उन्होंने मुझे और मेरे पिता (मौजूदा सांसद) को हमारे घर में बंद कर दिया है, उन्होंने मेरी बहन और उनके बच्चों को भी उनके घर में बंद कर दिया।’

शेयर की पुलिस की तैनाती की तस्वीर

जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री ने तस्वीरें भी साझा कीं, जिनमें यहां शहर के गुपकर इलाके में उनके आवास के मुख्य द्वार के बाहर पुलिस की गाड़ियां खड़ी दिखाई देती हैं। उमर ने आरोप लगाया कि उनके घर में काम करनेवाले लोगों को भी अंदर नहीं आने दिया जा रहा।

उन्होंने एक अन्य ट्वीट किया, ‘चलो, लोकतंत्र के आपके नए मॉडल का मतलब है कि हमें कोई कारण बताए बिना हमारे घरों में बंद रखा जाए और हमारे घर में काम करनेवाले कर्मियों को भी अंदर आने की अनुमति नहीं दी जाए। इसके बाद भी, आपको इस बात पर हैरानी होती है कि मुझमें अब भी गुस्सा और कड़वाहट है।’

पुलिस ने दिया जवाब

उमर के ट्वीट पर प्रतिक्रिया देते हुए पुलिस ने कहा कि पुलवामा हमले की दूसरी बरसी पर प्रतिकूल खुफिया इनपुट की वजह से सुरक्षा प्राप्त लोगों और अति विशिष्ट व्यक्तियों की गतिविधि रोकी गई है।

श्रीनगर पुलिस ने अपने आधिकारिक ट्विटर हैंडल से किए गए एक ट्वीट में कहा, ‘आज लेथपोरा आतंकी हमले की दूसरी बरसी है। जमीनी स्तर पर कोई आरओपी नहीं होगा। विपरीत खुफिया जानकारी की वजह से अति विशिष्ट और सुरक्षा प्राप्त लोगों की गतिविधियों पर रोक लगाई गई है और सभी संबंधित लोगों को अग्रिम तौर पर सूचना दी गई कि वे आज यात्रा से संबंधित कोई योजना न बनाएं।’

उमर ने कहा- बताएं कि मुझे सूचना कब दी?

हालांकि इसपर उमर ने पुलिस से पूछा, ‘कृपया मुझे बताएं कि आपने मुझे मेरे घर में किस कानून के तहत नजरबंद किया है? आप मुझे सलाह दे सकते हैं कि मैं घर से नहीं निकलूं लेकिन आप मेरी सुरक्षा का बहाना बनाकर मुझे घर में रहने को मजबूर नहीं कर सकते हैं।’

उन्होंने एक अन्य ट्वीट में कहा, ‘कृपया पूर्व में मेरे पते पर लिखित में दी गई इसकी जानकारी एवं उसे मेरे द्वारा स्वीकार करने की पावती साझा करें। निश्चित तौर पर यह बरसी प्रशासन के लिए अचानक तो नहीं है।’

पार्टी ने की सरकार की निंदा

नैशनल कॉन्फ्रेंस ने कहा कि वह पार्टी के नेताओं और उनके परिजनों को ‘मनमाने तरीके से नजरबंद’ किए जाने की निंदा करती है। पार्टी ने ट्वीट किया, ‘जेकेएनसी पार्टी अध्यक्ष डॉ. फारूक अब्दुल्ला, उपाध्यक्ष उमर अब्दुल्ला और उनके परिवार को श्रीनगर के गुपकर आवास में नजरबंद किए जाने की निंदा करती है। पार्टी तत्काल प्रभाव से इन गैरकानूनी कदमों को वापस लिए जाने की मांग करती है।’

बाद में एक संयुक्त बयान में नैशनल कॉन्फ्रेंस के महासचिव अली मोहम्मद सागर समेत अन्य नेताओं ने पार्टी अध्यक्ष और उपाध्यक्ष को उनके आवास में नजरबंद किए जाने की निंदा की और इस कदम को ‘मौलिक अधिकारों का हनन’ बताया।

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