फडणवीस का सनसनीखेज दावा, ‘ATS और NIA के पास हैं वझे-मनसुख की बातचीत का टेप’, राउत ने किया चैलेंज

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Webvarta Desk: एंटीलिया केस (Antilia Case) में मुंबई पुलिस अधिकारी सचिन वझे (Sachin Vaze) की गिरफ्तारी के बाद महाराष्ट्र में सियासी उथल-पुथल है। इस बीच पूर्व मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस (Devendra Fadnavis) ने सनसनीखेज दावा करते हुए कहा कि NIA और महाराष्ट्र ATS के पास मनसुख हिरन और वझे की बातचीत के टेप हैं।

फडणवीस (Devendra Fadnavis) ने आरोप लगाया कि उनके सीएम रहते उद्धव ठाकरे (Uddhav Thackeray) ने फोन करके वझे (Sachin Vaze) की बहाली का दबाव बनाया था। विपक्ष के नेता के सनसनीखेज दावे के बाद शिवसेना (Shiv Sena) भी आक्रामक हो गई है। संजय राउत (Sanjay Raut) ने फडणवीस को चुनौती देते हुए कहा कि अगर सबूत हैं तो सचिन वझे के राजनीतिक आकाओं के बारे में बताइए।

शिवसेना नेता संजय राउत (Sanjay Raut) ने कहा कि फडणवीस (Devendra Fadnavis) को ऐसा कोई काम नहीं करना चाहिए जिससे मुंबई हतोत्साहित हो। उन्होंने मुंबई पुलिस आयुक्त परमवीर सिंह (Paramvir Singh) के ताबदले के पीछे दबाव होने से भी इनकार किया। यही नहीं फडणवीस को चुनौती देते हुए राउत ने कहा कि अगर उनके पास सचिन वझे (Sachin Vaze) के कथित ‘राजनीतिक संरक्षकों’ के बारे में सबूत है तो उनका नाम बताएं।

‘दबाव में किया कमिश्नर का तबादला’

संजय राउत (Sanjay Raut) ने कहा, ‘अगर विपक्ष सोचता है कि यह तबादला किसी दबाव में किया गया तो वह गलत है। उद्धव ठाकरे सरकार ने किसी दबाव में तबादला नहीं किया है। यह हमारी नैतिक जिम्मेदारी है कि जब तक जांच जारी है तब तक यह तबादला किया जाना चाहिए।’

परमबीर और वझे छोटे आदमी- फडणवीस

इससे पहले बुधवार को मुंबई में प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान देवेंद्र फडणवीस ने एक के बाद कई सनसनीखेज दावे किए। फडणवीस ने कहा, ‘एटीएस और एनआईए के पास कुछ ऐसे टेप हैं जिसमें मनसुख की आवाज है और उसमें सचिन वझे ने क्या कहा है उसकी भी पुष्टि होती है।’ फडणवीस ने कहा कि अब यह कनेक्टेड मामला हो गया है इसलिए मनसुख की मौत की जांच भी एनआईए को करनी चाहिए।

फडणवीस ने आगे कहा, ‘जिस प्रकार पुलिस महकमे से ही इस प्रकार की गाड़ी प्लांट की जाती है और उसके बाद की घटनाओं में उसमें सबसे कड़ी मनसुख हिरन का जिस प्रकार से खून किया जाता है। अब रक्षा करने वाले ही इस प्रकार से अपराधी तत्व बन जाएं तो सुरक्षा कौन करेगा यह सवाल है।’

फडणवीस ने बताया- मनसुख के साथ क्या हुआ था

फडणवीस ने उद्धव सरकार पर हमला बोलते हुए कहा, ‘यह पुलिस की असफलता नहीं है यह सरकार की असफलता है। सचिन वझे मनसुख हिरेन को पहले से जानते थे। स्कॉर्पियो मनसुख हिरेन से इन्होंने खरीदी थी लेकिन पेमेंट नहीं किया था। चार महीने तक इनके पास यह गाड़ी थी। नवंबर से लेकर फरवरी तक, मनसुख ने कहा कि यह तो पेमेंट कर दीजिए या फिर गाड़ी वापस कर दीजिए। उन्होंने कहा कि मैं और कुछ दिन रखूंगा, फिर गाड़ी वापस की गई लेकिन वापस गाड़ी मंगाई गई।’

‘वझे ने मनसुख ने लिखवाई शिकायत’

फडणवीस ने कहा, ‘अगर गाड़ी चोरी होती तो कहीं न कहीं टैंपरिंग होती लेकिन ऐसा कुछ नहीं था। मनसुख को कहा गया था कि कार वहां पार्क करो, और चाबी दो। उनसे कहा गया कि आप शिकायत दर्ज कराओ। मनसुख से तीनों दिन तक वझे ने पूछताछ की। वझे ने ही मनसुख से शिकायत करवाई कि उन्हें जांच एजेंसियां परेशान कर रही हैं। वह मनसुख को अपने पहचान के वकील के पास ले गए थे। यह सारी सोची समझी साजिश है।’

‘हाई टाइड की जगह लो टाइड आया’

फडणवीस ने कहा, ‘जिस दिन मनसुख को रात में एक फोन आया कि गावड़े ने आपको बुलाया है। उनको जहां बुलाया गया, यह वही इलाका है जहां सचिन वझे पर वसूली का केस है। अगले दिन मनसुख की लाश मिली। मनसुख हिरेन को वही पर मार दिया गया। मारने के बाद उनकी लाश खाड़ी में फेंकी गई। हाई टाइड में फेंकने में कोशिश थी क्योंकि अगर वहां फेंकी जाती तो वापस नहीं आती। लेकिन उनके कैल्कुलेशन में आधे घंटे का अंतर आया और हाई टाइड की जगह लो टाइड आ गया और मनसुख की लाश वहीं पड़ी मिली।’

‘असली खेल कोई और खेल रहा’

इससे पहले फडणवीस ने कहा था कि परमबीर सिंह और सचिन वझे ‘छोटे आदमी’ हैं और मामले को केवल उन्हें जिम्मेदार ठहराकर सुलझाया नहीं जा सकता। पूर्व मुख्यमंत्री ने यह भी कहा था कि इसके पीछे कौन हैं इसकी जांच होनी चाहिए। वझे के शिवसेना नेताओं से गहरे संबंध होने का आरोप लगाते हुए फडणवीस ने कहा कि जूनियर ऑफिसर होने के बावजूद उन्हें अपराध खुफिया शाखा विभाग में अहम पद दिया गया।

‘2018 में उद्धव ने वझे की बहाली के लिए कहा था’

फडणवीस ने ठाणे के कारोबारी मनसुख हिरेन की हत्या होने की आशंका जताई और आरोप लगाया कि वझे के कई शिवसेना नेताओं से गहरे संबंध थे। फडणवीस ने यह भी खुलासा किया कि साल उनके सीएम रहते साल 2018 में शिवसेना ने वझे को बहाल करने के लिए दबाव बनाया था। लेकिन उन्होंने गंभीर आरोप होने की वजह से इनकार कर दिया था।

’90 के दौर का मुंबई याद आ रहा’

फडणवीस ने कहा कि शिवसेना अध्यक्ष उद्धव ठाकरे सहित कई पार्टी नेताओं ने उनसे इस मामले में संपर्क किया। फडणवीस ने आगे कहा कि भारत के सबसे अमीर व्यक्ति के आवास के सामने सुरक्षा खतरे का खुलासा होने के बाद रहस्य गहराता जा रहा है और 1990 का दौर याद आ रहा है जब मुंबई में लोगों ने राजनीति का अपराधीकरण देखा। फडणवीस ने कहा, ‘इसके पीछे सुरक्षा खतरे से कहीं बड़ी साजिश है।’

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