उत्तराखंड में चुनाव से पहले CM बदलती है BJP, रावत का दर्द भी छलका- दिल्ली से पूछिए

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Webvarta Desk: CM Trivendra Resigns: उत्तराखंड के मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह (Trivendra Singh Rawat) रावत ने मंगलवार को राजभवन जाकर गवर्नर बेबी रानी मौर्य (Baby Rani Maurya) को अपना इस्तीफा सौंप दिया। इस्तीफे के बाद प्रेस कॉन्फ्रेंस में उन्होंने कहा कि सूबे का मुख्यमंत्री रहना सम्मान की बात है। उन्होंने इसके लिए पार्टी का खास तौर पर आभार भी जताया।

सीएम पद से रुखसती पर उनका (CM Trivendra Resigns) दर्द शब्दों के रूप में भले ही साफ तौर पर नहीं उभरा लेकिन चेहरे के भाव जरूर बहुत कुछ बयां कर रहे थे। इस दौरान वह बहुत नाप-तौलकर बोलते दिखे लेकिन जब सीधा सवाल हुआ कि आपको इस्तीफा क्यों देना पड़ा तब दर्द छलक ही गया। बोले- जवाब के लिए तो दूर दिल्ली जाना होगा।

उत्तराखंड में पहली बार नहीं हुआ इस तरह का ‘सामूहिक फैसला’

रावत (CM Trivendra Resigns) ने कहा कि इस्तीफा पार्टी का ‘सामूहिक फैसला’ था। वैसे बीजेपी के लिए उत्तराखंड में कोई पहली बार इस तरह का ‘सामूहिक फैसला’ नहीं है। सूबे में आजतक बीजेपी के किसी भी मुख्यमंत्री ने 5 साल का कार्यकाल पूरा नहीं कर पाया है। साल 2000 में अलग राज्य के तौर पर वजूद में आए उत्तराखंड में कांग्रेस के नारायण दत्त तिवारी के अलावा किसी भी मुख्यमंत्री ने 5 साल का कार्यकाल पूरा नहीं किया। कांग्रेस में भी सीएम बदलते रहे।

सूबे में बीजेपी का कोई सीएम कार्यकाल पूरा नहीं कर पाया

रावत का कार्यकाल करीब 4 साल का रहा। 4 साल में महज 9 दिन कम थे। बीजेपी से सूबे में अब तक जो भी मुख्यमंत्री बने, उनमें रावत का कार्यकाल सबसे लंबा रहा। उत्तराखंड में बीजेपी जब-जब सत्ता में आई तो चुनाव से पहले मुख्यमंत्री जरूर बदला गया। 2000 में जब उत्तराखंड अलग राज्य बना तब बीजेपी के नित्यानंद स्वामी सीएम बने लेकिन वह साल भर भी पद पर नहीं बन पाए और भगत सिंह कोश्यारी को मुख्यमंत्री बनाया गया। 2002 में चुनाव हुए और बीजेपी हार गई।

इसके बाद 2007 में बीजेपी फिर सत्ता में आई। भुवनचंद्र खंडुरी मुख्यमंत्री बने। लेकिन 2009 में उन्हें इस्तीफा देना पड़ा और बीजेपी के रमेश पोखरियाल निशंक मुख्यमंत्री बने। पोखरियाल भी करीब 2 साल तक सीएम रहे और चुनाव से पहले उन्हें भी हटा दिया गया और बीसी खंडूरी की फिर से ताजपोशी हुई। 2017 में बीजेपी फिर सत्ता में आई और त्रिवेंद्र सिंह रावत मुख्यमंत्री बने लेकिन वह भी अपना कार्यकाल पूरा नहीं कर पाए।

रावत को क्यों देना पड़ा इस्तीफा?

त्रिवेंद्र सिंह रावत के इस्तीफे के पीछे विधायकों में उनके प्रति बढ़ रहे असंतोष को कारण माना जा रहा है। कुछ हालिया सर्वे भी इस ओर इशारा कर रहे थे कि सूबे की जनता भी सीएम रावत के कामकाज से संतुष्ट नहीं है। उत्तराखंड में अगले साल विधानसभा चुनाव होने हैं। यही वजह है कि बीजेपी ने मुख्यमंत्री को बदलकर न सिर्फ पार्टी विधायकों के असंतोष को दूर करने की कोशिश की है बल्कि जनता के बीच सरकार के प्रति बढ़ती ‘नाराजगी’ को कम करने की कोशिश की है।

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