पति की शहादत के बाद पत्नी ने ज्वॉइन की India Army; पुलवामा हमले में हुए थे शहीद

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नई दिल्ली, 29 मई (वेबवार्ता)। फरवरी 2019 में जम्मू-कश्मीर (Jammu-Kashmir) के पुलवामा (Pulwama Attack)  में जैश-ए-मोहम्मद के दहशतगर्दों के साथ मुठभेड़ में शहीद हुए मेजर विभूति शंकर (Vibhuti Shankar) ढौंडियाल, जिनको SC (P) से सम्मानित किया गया था। आज उनकी पत्नी नितिका कौल (Nitika Kaul) ने भारतीय आर्मी (Indian Army) ज्वाइन कर ली है।​​​​ ​​​सेना की उत्तरी कमान​ के ​कमांडर लेफ्टिनेंट जनरल वाईके जोशी ने उनकी वर्दी पर अपने हाथों चमकते हुए सितारे लगाए​​​।​​ नितिका कौल आर्मी (Nitika Kaul) ज्वाइन करने के पश्चात् अब वह ‘लेफ्टिनेंट नितिका ढौंडियाल’ (Leftinet Nitika Kaul) बन गईं हैं। नितिका कौल (Nitika Kaul) ने आज इंडियन फोर्स (Indian Force) की वर्दी पहनी तथा शहीद मेजर विभूति शंकर ढौंडियाल (Vibhuti Shankar Dhoundiyal) को श्रद्धांजलि अर्पित की।

​​बता दें कि पुलवामा (Pulwama) में सीआरपीएफ (CRPF) के काफिले पर ​14 फरवरी​,​ 2019​ को हुए ​आतंकवादी हमले (Terrorist Attack) के दौरान 40 जवान शहीद हो गए थे। इस हमले के बाद ही पुलवामा (Pulwama) के पिंगलान गांव में आतंकियों (Terrorist) को ढेर करने के लिए सेना ने ऑपरेशन चलाया था​​​। पिंगलान में हुए इस एनकाउंटर में ​18 फरवरी​,​ 2019 को ​चार सैनिक शहीद हुए थे​ जिनमें कश्मीर में 55 राष्ट्रीय राइफल्स में तैनात ​​मेजर रैंक के ऑफिसर विभूति​ शंकर ढौंडियाल (Vibhuti Shankar Dhoundiyal) भी शामिल थे​​​​​​।​​

​राष्ट्र के लिए बलिदान ​देने ​पर उन्हें मरणोपरांत शौर्य चक्र से सम्मानित किया गया था​​।​ उस समय मेजर विभूति शंकर ढौंडियाल (Vibhuti Shankar Dhoundiyal) और नितिका कौल (Nitika kaul) की शादी को सिर्फ 10 माह ही हुए थे​​। ​शादी की पहली सालगिरह (First Anniversary) भी न मना पाने वाली नितिका कौल (Nitika Kaul) ने अपने पति को एक बहादुर सैनिक बताते हुए कहा था कि उन्‍हें इस बात का पूरा भरोसा है कि उनके पति की शहादत और ज्‍यादा लोगों को सेनाओं में जाने के लिए प्रेरित करेगी​।

 

मेजर विभूति शंकर ढौंडियाल (Vibhuti Shankar Dhoundiyal)  का शव (Body) जब उनके गृहनगर पहुंचा था तो पत्नी नितिका कौल (Nitika Kaul) ने गर्व के साथ अपने पति को सैल्‍यूट किया। नितिका कौल (Nitika Kaul) ने उस समय कहा था कि आपने मुझसे झूठ कहा था कि आप मुझसे प्‍यार करते हो​। आप मुझसे नहीं बल्कि अपने देश से ज्‍यादा प्‍यार करते थे और मुझे इस बात पर गर्व है​।

शादी के 09  माह बाद ही महज 27 साल की उम्र में ही वीर नारी बनीं नितिका कौल (Nitika Kaul) ने मीडिया (Media) के साथ बातचीत में कहा था कि वह कोई बेचारी नहीं हैं बल्कि एक बहादुर मेजर शहीद की पत्‍नी हैं और उन्‍हें अपने पति की शहादत पर गर्व है। नितिका कौल (Nitika Kaul) ने अपने बहादुर पति को नम आंखों से ‘जय हिंद’ बोलकर अंतिम विदाई दी थी। उस वक़्त अपने पति की अर्थी को सैल्यूट (Salute) करते एक तस्वीर भी वायरल (Viral) गुई थी। निकिता कौल (Nitika Kaul) आज मुल्क के लाखों फौजियों, फौज के अफसरों और उनके खानदान की महिलाओं के लिए प्रेरणा बन गईं हैं।

 

नितिका कौल (Nitika Kaul) ने ​​अपने पति की ​शहादत के छह महीने बाद (After Six Month) ​​​शॉर्ट सर्विस कमीशन (Short Service Commission) (एसएससी) परीक्षा (SSC Exam) और सेवा चयन बोर्ड (एसएसबी) (SSB) के साक्षात्कार को अनुमति दे दी​​।​ 30 साल की नितिका कौल (Nitika Kaul) ने पिछले वर्ष शॉर्ट सर्विस कमीशन (Short Service Commission) (एसएससी) (SSC) की परीक्षा पास कर ली थी। इसके बाद उन्हें प्रशिक्षण के लिए चेन्नई में अधिकारी प्रशिक्षण अकादमी (OTA) में नियुक्त किया गया।​ लेफ्टिनेंट निकिता कौल (Leftinet Nitika Kaul)  ने सैन्य प्रशिक्षण पूरा करने के बाद आज भारतीय सेना  में शामिल होकर अपने पति को सही मायने में भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की। यह वास्तव में उनके लिए गर्व का क्षण था क्योंकि ​सेना की उत्तरी कमान​ के ​कमांडर लेफ्टिनेंट जनरल वाईके जोशी ने ​खुद अपने हाथों से आज निकिता के कंधों पर चमकते सितारों को लगाया।​ अब ​वह भी पति की तरह आर्मी ऑफिसर (Army Officers) की ​वर्दी पहनकर दुश्मनों से जंग करने के लिए तैयार हैं​।​

चेन्नई में ऑफिसर्स ट्रेनिंग अकादमी (Officers Training Academy) में पासिंग आउट परेड (Passing Out Pared) के बाद नितिका कौल (Nitika Kaul) ने अपने अनुभव बांटते हुए कहा कि पिछले 11 महीने (Last 11th Month) में मैंने उसी यात्रा का अनुभव किया है जिससे उनके पति गुजरे हैं। मेरा मानना ​​​​है कि वह हमेशा मेरे जीवन का हिस्सा बनने जा रहे हैं।​ मेरे जीवन के पिछले 11 महीने (Last 11th Month) महत्वपूर्ण रहे हैं, इस यात्रा के दौरान परिवार के सभी सदस्यों का सहयोग मिला​​।​​​ ​नीतिका कौल (Nitika Kaul) ने अपने सास-ससुर का शुक्रिया अदा करते हुए कहा कि पति के शहीद होने के बाद सेना में शामिल होने के लिए उन्होंने ही प्रोत्साहित ​किया जिसका नतीजा है कि आज मैं इस मुकाम पर हूं​।​ ​उन्होंने महिलाओं को सन्देश देते हुए कहा कि जीवन में चुनौतियां बहुत हैं लेकिन अगर खुद पर भरोसा रखें तो आत्मविश्वास इन कठिनाइयों को आसान बना देता है।

 

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