Pegasus Controversy: गले नहीं उतर रही केंद्र की सफाई… मायावती और अखिलेश ने साधा निशाना

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Webvarta Desk: इजराइल के स्पाइवेयर पेगासस (Pegasus Controversy) के जरिए कथित जासूसी (Pegasus Spyware) करने के मामले में विपक्ष केंद्र सरकार (Modi Govt) पर हमलावर हो गया है। समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव (Akhilesh Yadav) से लेकर बहुजन समाज पार्टी की मुखिया मायावती (Mayawati) ने सरकार पर निशाना साधा है। वहीं ओवैसी ने भी केंद्र सरकार पर सवाल खड़े किए हैं।

अखिलेश (Akhilesh Yadav) ने कहा कि फोन टैप कराकर लोगों की व्यक्तिगत बातों को सुनना ‘निजता के अधिकार’ का घोर उल्लंघन है। वहीं मायावती (Mayawati) ने इसे गंदा खेल करार दिया है। दोनों ने ही इस मामले में निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है।

‘दंडनीय और नाकामी’

समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव (Akhilesh Yadav) ने ट्वीट किया, ‘फोन की जासूसी करवाकर लोगों की व्यक्तिगत बातों को सुनना ‘निजता के अधिकार’ का घोर उल्लंघन है। अगर ये काम भाजपा (भारतीय जनता पार्टी) करवा रही है तो यह दंडनीय है और अगर भाजपा सरकार यह कहती है कि उसे इसकी जानकारी नहीं है तो यह राष्ट्रीय सुरक्षा के क्षेत्र में उसकी नाकामी है। फोन-जासूसी लोकतंत्र में एक अपराध है।’

‘देश में फैली सनसनी’

मायावती (Mayawati) ने कहा, ‘जासूसी का गंदा खेल व ब्लैकमेल आदि कोई नई बात नहीं है लेकिन काफी महंगे उपकरणों से निजता भंग करके मंत्रियों, विपक्षी नेताओं, अफसरों व पत्रकारों आदि की सुक्षम जासूसी करना अति-गंभीर व खतरनाक मामला है। इसका भंडाफोड़ हो जाने से यहां देश में भी खलबली व सनसनी फैली हुई है।’

‘जिम्मेदारी तय करे सरकार’

बीएसपी चीफ ने एक दूसरा ट्वीट किया और लिखा, ‘इसके सम्बंध में केन्द्र की बार-बार अनेकों प्रकार की सफाई, खंडन और तर्क लोगों के गले के नीचे नहीं उतर पा रहे हैं। सरकार व देश की भी भलाई इसी में है कि मामले की गंभीरता को ध्यान में रखकर इसकी पूरी स्वतंत्र व निपक्ष जांच यथाशीघ्र कराई जाए ताकि आगे जिम्मेदारी तय की जा सके।’

‘…तो कराते चीन की जासूसी’

ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन चीफ असदुद्दीन ओवैसी ने भी कहा है कि सरकार बताए कि उन्होंने यह सॉफ्टवेयर खरीदा या नहीं। इसके अलावा उन्होंने कहा कि सरकार को यह भी साफ करना चाहिए कि उन्होंने इस मामले में क्या कार्रवाई की। ओवैसी ने कहा कि अगर सरकार को जासूसी करानी थी तो चीन की कराता।

यह है मामला

आपको बता दें कि मीडिया संस्थानों के एक अंतरराष्ट्रीय संगठन ने खुलासा किया है कि केवल सरकारी एजेंसियों को ही बेचे जाने वाले इजराइल के जासूसी साफ्टवेयर के जरिए भारत के दो केन्द्रीय मंत्रियों, 40 से अधिक पत्रकारों, विपक्ष के तीन नेताओं और एक न्यायाधीश सहित बड़ी संख्या में कारोबारियों और अधिकार कार्यकर्ताओं के 300 से अधिक मोबाइल नंबर संभवत: हैक किए गए हैं।

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