जब PM मोदी ने नर्स से पूछा- जानवरों की मोटी सुई तो नहीं लगा देंगी.. नेताओं की चमड़ी मोटी होती है न

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Webvarta Desk: पूरे देश में सोमवार से बुजुर्गों और बीमार लोगों के लिए वैक्सिनेशन प्रोग्राम (Covid Vaccination Program) शुरू हुआ। हालांकि जब तक आम लोगों के लिए वैक्सिनेशन शुरू होता और उनकी बारी आती, पीएम मोदी (PM Narendra Modi) ने सुबह सवेरे ही एम्स (AIIMS) पहुंचकर वैक्सीन की पहली डोज लगवा ली और खुद इसकी तस्वीर ट्वीट कर देशवासियों से वैक्सीन लगवाने की अपील कर डाली।
नर्स से तमिल में बात करने की कोशिश की

एम्स (AIIMS) के सीनियर अधिकारियों तक रविवार देर रात ही यह मेसेज पहुंचा कि पीएम मोदी (PM Narendra Modi) सोमवार को वैक्सीन लेंगे। इसके बाद एम्स ने वैक्सिनेशन टीम को अलर्ट कर दिया, लेकिन उन्हें बताया नहीं गया कि मोदी आ रहे हैं। हालांकि वैक्सिनेशन टीम को यह बताया गया था कि वीआईपी आ रहे हैं। सुबह ठीक 6 बजकर 15 मिनट पर मोदी एम्स पहुंचे। उन्होंने पहले वैक्सिनेशन टीम से बात की। जैसे मोदी को पता चला कि वैक्सीन देने वाली नर्स पुदुच्चेरी से हैं तो उनसे तमिल में बात करने की कोशिश की।

मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक, वैक्सीन लगवाने के समय टीकाकरण टीम थोड़ा नर्वस थी मगर माहौल को पीएम ने हल्का कर दिया। उन्होंने नर्स से कहा कि क्या वह पशु के लिए इस्तेमाल की जाने वाली सुई का इस्तेमाल करेंगी। पीएम मोदी के तंज को नर्स समझ न पाईं। पीएम ने कहा कि राजनेताओं की चमड़ी बहुत मोटी होती है, इसलिए उनके लिए कुछ विशेष मोटी सुई का इस्तेमाल तो नहीं करने वाली हैं। इस पर नर्स हंस दीं।

डोज लेने से पहले भरा कंसर्न फॉर्म

मोदी ने कोवैक्सीन की डोज लेने से पहले कंसर्न फॉर्म भरा क्योंकि अभी इस वैक्सीन का ट्रायल पूरा नहीं हुआ है, इसलिए वैक्सीन लेने वाले सभी लोगों से कंसर्न लिया जा रहा है। फॉर्म भरने के बाद 6 बजकर 25 मिनट पर मोदी को वैक्सीन का पहला शॉट सिस्टर निवेदा ने दिया। इसके बाद मोदी करीब 30 मिनट तक एम्स में ऑब्जर्वेशन में रहे। इस दौरान एम्स के डायरेक्टर डॉक्टर रणदीप गुलेरिया भी मौजूद रहे।

‘टीका लगाते हुए बहुत सहज थे पीएम’

नर्स निवेदा ने बाद में मीडिया से कहा कि टीका लगवाने के बाद प्रधानमंत्री ने उनसे कहा, ‘लगा भी दिया, पता भी नहीं चला।’ नर्स निवेदा गत तीन साल से एम्स में हैं और इस समय टीकाकरण केंद्र में सेवाएं दे रही हैं। निवेदा ने कहा, मैं जब एम्स पहुंची तो जानकारी मिली कि प्रधानमंत्री आ रहे हैं। मुझे उनसे मिलकर बहुत खुशी हुई। उन्होंने पूछा कि हम कहां की रहने वाली हैं। पीएम को अब 28 दिन पर दूसरी खुराक दी जाएगी। एक अन्य नर्स अनिल ने कहा कि टीकाकरण के दौरान प्रधानमंत्री बहुत सहज थे।

लोगों को दिक्कत से बचाने के लिए सवेरे ही पहुंचे

एम्स में ओपीडी बिल्डिंग की आठवीं मंजिल पर वैक्सिनेशन सेंटर बनाया गया है। एम्स में सुबह 9 बजे के बाद से ओपीडी शुरू हो जाती है और यहां भीढ़ लगने लगती है, ऐसे में अगर पीएम 9 बजे के आसपास एम्स आते तो उन मरीजों को दिक्कत हो सकती थी। यही वजह है कि पीएम सुबह-सुबह पहुंच गए।

प्रधानमंत्री के एम्स पहुंचने के दौरान किसी भी रास्ते को बंद नहीं किया गया और ना ही यातायात को रोका गया। यही नहीं, पीएम के सुबह वैक्सीन लेने से उन बुजुर्गों तक भी संदेश पहुंच गया, जो वैक्सीन लेने को उत्सुक थे। इससे उनका हौसला बढ़ा और कई ऐसे बुजुर्ग लोग वैक्सीन लगवाने एम्स पहुंचे। एम्स के प्रमुख डॉ. रणदीप गुलेरिया ने गुलेरिया ने कहा, टीका लगवाने के बाद पीएम ठीक हैं। उन्होंने उम्मीद जताई कि प्रधानमंत्री के टीका लगवाने से लोगों में भरोसा बढ़ेगा और उनकी हिचक टूटेगी।

खुद ट्वीट की तस्वीर, हौसला बढ़ाया

वैक्सीन लेने के बाद मोदी एम्स से निकले और फिर खुद ट्वीट कर इसकी जानकारी देशवासियों को दी। उन्होंने अपने ट्वीट में लिखा – मैंने एम्स में कोविड-19 वैक्सीन का पहला डोज ले लिया। कोविड-19 के खिलाफ वैश्विक लड़ाई को मजबूत करने में हमारे डॉक्टरों और वैज्ञानिकों ने जितनी तेजी से काम किया, वह उल्लेखनीय है। मोदी ने आगे लिखा – मैं उन सभी से वैक्सीन लेने का आग्रह करता हूं जो इसके लिए योग्य हैं। आइए, हम सब मिलकर भारत को कोविड-19 मुक्त बना दें।

कोवैक्सीन पर होने वाली बहस पर लगाया विराम

असल में पीएम ने जो वैक्सीन की डोज ली वह पूरी तरह से देसी वैक्सीन है। इसे भारत बायोटेक और आईसीएमआर ने मिलकर बनाया है। इसके तीसरे व फाइनल ट्रायल के रिजल्ट आने से पहले ही इमरजेंसी इस्तेमाल की हरी झंडी दी गई है। इसको लेकर विपक्ष ने काफी सवाल खड़े किए थे। साथ ही वैक्सीन की गंभीरता पर भी निशाना साधा था लेकिन अब पीएम मोदी ने भारत बायोटेक की ही को-वैक्सीन की डोज लेकर सभी सवालों पर विराम लगा दिया है।

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