Priya Ramani Verdict: कोर्ट ने एमजे अकबर की परेशानी! प्रिया रमानी को किया बरी, पढ़ें पूरा फैसला

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Webvarta Desk: Priya Ramani Verdict: दिल्ली की एक अदालत (Delhi Court) ने बुधवार को पत्रकार प्रिया रमानी को आपराधिक मानहानि केस (Priya Ramani Defamation Case) में बरी करते हुए कहा कि जिस देश में महाभारत और रामायण जैसे महाकाव्य लिखे गए हों। महिला को सम्मान करने की बात कही गई हो। उस देश में महिलाओं के साथ हिंसा शर्मनाक है।

फैसले में कोर्ट (Delhi Court) ने इन महाकाव्यों का उदाहरण देते हुए कहा कि ये एक महिला की गरिमा का महत्व बताते हैं।

अपने फैसले में अदालत (Delhi Court) ने वाल्मिकी रामायण का जिक्र करते हुए कहा कि जब लक्ष्मण से सीता के बारे में पूछा गया तो उन्होंने कहा कि हमने तो सिर्फ उनके चरण निहारे हैं और कुछ नहीं देखा।

जटायु का जिक्र करते हुए अदालत ने कहा कि जब सीता को रावण अपहरण कर ले जा रहा था तो जटायु ने रोकने की कोशिश की। रावण ने तब उसके पर काट दिए थे। लेकिन जटायु ने तब तक अपने प्राण नहीं त्यागे, जब तक सीता हरण की सूचना श्रीराम को नहीं दे दी। महाभारत में कुरु राजसभा में द्रौपदी को घसीटकर लाया गया था, तो द्रौपदी ने इस पर सवाल उठाया था, इस बात का भी जजमेंट में जिक्र किया गया। कोर्ट ने कहा कि भारतीय संस्कार में महिलाओं के प्रति श्रद्धा आवश्यक है।

सम्मानित व्यक्ति भी महिला के साथ प्रताड़ना करते हैं

अदालत ने अपने फैसले में कहा कि इस बात को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता है कि ज्यादातर सेक्सुअल प्रताड़ना बंद कमरे में दरवाजे के अंदर होता है। कई बार विक्टिम खुद नहीं समझ पाती हैं कि क्या हो रहा है और उसके साथ क्या गलत हो गया। कई बार बेहद सम्मानित व्यक्ति भी महिला के साथ प्रताड़ना करते हैं। रमानी के साथ सेक्सुअल प्रताड़ना की घटना विशाखा गाइडलाइंस से पहले हुई थी। उस वक्त ऐसे मामले के लिए मैकेनिज्म नहीं था। उन्होंने शिकायत न करने की सोची, क्योंकि सेक्सुअल प्रताड़ना से जुड़े मामले में एक सोशल स्टिगमा जुड़ता है।

समाज को समझना होगा, पीड़िता पर क्या गुजरती है

अदालत ने कहा कि समय आ गया है कि समाज को समझना होगा कि सेक्सुअल प्रताड़ना का विक्टिम पर क्या असर पड़ता है। कई बार तो विक्टिम वर्षों कुछ नहीं बोल पाती हैं, क्योंकि वह खुद नहीं समझ पाती हैं कि वह प्रताड़ित थीं। लड़की इसिलए नहीं बोलती हैं कि एक सोशल स्टिगमा जुड़ जाता है। सेक्सुअल हरासमेंट से लड़की की गरिमा प्रभावित होती है और उसका आत्मबल भी कमजोर हो जाता है। उन्हें मानसिक अवसाद से गुजरना पड़ जाता है। महिला का गरिमा के साथ जीवन के अधिकार के ऊपर प्रतिष्ठा का अधिकार नहीं हो सकता।

उजागर किया ताकि बाकी महिलाओं का प्रोटेक्शन हो

अदालत में प्रिया रमानी ने कहा कि उनके साथ 1993 के दिसंबर में अकबर (MJ Akbar) ने सेक्सुअल हरासमेंट किया था। इंटरव्यू के लिए उन्हें बुलाया गया था और मुंबई के होटल में उनके साथ सेक्सुअल हरासमेंट किया गया। उन्होंने पब्लिक के सामने इसे इसलिए उजागर किया कि बाकी महिलाओं का प्रोटेक्शन हो सके। उस वक्त सेक्सुअल हरासमेंट एट वर्क प्लेस को लेकर कोई शिकायत का मैकेनिज्म नहीं थाrऔर इस कारण उन्होंने शिकायत नहीं की। गवाह गजाला वहाब ने भी इसी कारण शिकायत नहीं की थी। अन्य महिलाओं ने भी अकबर का नाम लिया था। लेकिन अकबर ने सेलेक्टिव होकर उनके खिलाफ मानहानि का केस किया।

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