उत्तर-दक्षिण पॉलिटिक्‍स पर बुरी तरह घिरे राहुल गांधी, BJP के बाद.. कांग्रेस नेताओं ने भी दी नसीहत

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Webvarta Desk: कांग्रेस नेता राहुल गांधी (Rahul Gandhi) अपने ‘उत्तर-दक्षिण’ बयान (North South Statment) को लेकर चौतरफा घिरते दिख रहे हैं। केरल में अपने संसदीय क्षेत्र वायनाड के दौरे पर गए राहुल गांधी के बयान को लेकर BJP जहां हमलावर है, वहीं कांग्रेस (Congress) इसका बचाव कर रही है। हालांकि, कांग्रेस के नेता दो धड़ों में बंटे भी नजर आ रहे हैं।

कांग्रेस (Congress) के नेता विशेष रूप से जी-23 के सदस्य, जिन्होंने पार्टी में सुधारों के लिए सोनिया गांधी (Sonia Gandhi) को पत्र लिखा था, उन्होंने कथित तौर पर कहा है कि यह पूर्व पार्टी अध्यक्ष राहुल गांधी (Rahul Gandhi) पर निर्भर है कि वह उत्तर बनाम दक्षिण (North South Statment) के अपने बयान को स्पष्ट करें।

कपिल सिब्बल (Kapil Sibal) और आनंद शर्मा (Anand Sharma) जैसे कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं ने कहा है कि राहुल गांधी ही इसे स्पष्ट कर सकते हैं, जबकि अन्य कांग्रेस नेताओं ने राहुल की टिप्पणी का बचाव किया है।

आनंद शर्मा (Anand Sharma) ने मीडिया से बात करते हुए कहा कि कांग्रेस के पास उत्तर के महान नेता रहे हैं और संजय गांधी, राजीव गांधी, सोनिया गांधी, कैप्टन सतीश शर्मा से लेकर राहुल गांधी तक कांग्रेस के नेताओं को चुनने के लिए पार्टी अमेठी के लोगों की आभारी है।

राज्यसभा में पार्टी के उप नेता आनंद शर्मा (Anand Sharma) ने कहा, ‘राहुल गांधी ने अपने किसी अनुभव के आधार पर टिप्पणी की है, मुझे किसी क्षेत्र के अपमान की बात मुझे नहीं दिखती। राहुल गांधी ही स्पष्टीकरण दे सकते हैं। भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस ने देश को एक समझा है, हमने कभी क्षेत्र, भाषा और धर्म के आधार पर लकीर नहीं खींची।’

‘राहुल गांधी का बयान बीजेपी की राजनीतिक संस्‍कृति के लिए’

कपिल सिब्बल (Kapil Sibal) ने कहा कि यह बीजेपी ही है, जो देश को विभाजित कर रही है, लेकिन राहुल गांधी ने जो कहा है, वही इस बारे में बता सकते हैं कि उन्होंने किस संदर्भ में यह बयान दिया है। हालांकि राहुल गांधी के करीबी नेताओं ने खुलकर उनका बचाव किया है। कांग्रेस प्रवक्ता पवन खेड़ा ने मीडिया को संबोधित करते हुए कहा, ‘राहुल गांधी का अवलोकन बीजेपी की तरफ से विकसित की गई राजनीतिक संस्कृति के लिए है।’

जानिए, क्‍या बोला था राहुल ने

वायनाड के दौरे पर गए कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने मंगलवार को तिरुवनंतपुरम में एक सभा में कहा था, ‘पहले के 15 साल मैं उत्तर भारत से सांसद था। मुझे वहां दूसरी तरह की राजनीति का सामना करना पड़ता था। केरल आना मेरे लिए ताजगी भरा रहा, क्योंकि यहां के लोग मुद्दों की राजनीति करते हैं और सिर्फ सतही नहीं, बल्कि मुद्दों की तह तक जाते हैं।’

कांग्रेस नेता की टिप्पणी ने उत्तर बनाम दक्षिण बहस छेड़ दी, क्योंकि उन्होंने लोकसभा में अमेठी का प्रतिनिधित्व करने के 15 साल बाद केरल के वायनाड से लोकसभा सदस्य के रूप में अपने कार्यकाल को ताजगी भरा बताया।

नड्डा और स्‍मृति ने साधा था निशाना

राहुल गांधी पर निशाना साधते हुए बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा ने मंगलवार को कहा कि कांग्रेस नेता को लोगों को विभाजित करने की आदत है। नड्डा ने ट्वीट किया, ‘कुछ ही दिन पहले वह (गांधी) पूर्वोत्तर में थे, देश के पश्चिमी भाग के खिलाफ जहर उगल रहे थे। आज दक्षिण में वह उत्तर के खिलाफ जहर उगल रहे हैं। राहुल गांधी अब बांटो और राज करो की राजनीति काम नहीं करेगी। लोगों ने इस तरह की राजनीति को खारिज कर दिया है।’

केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी, जिन्होंने 2019 में पिछले लोकसभा चुनाव में अमेठी में राहुल गांधी को हराया था, ने ट्वीट किया, ‘एहसान फरामोश! इनके बारे तो दुनिया कहती है थोथा चना बाजे घना’

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