राकेश टिकैत के पश्चिम बंगाल में महापंचायत का ऐलान, घबराई BJP जाट नेताओं को साधने में जुटी

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Webvarta Desk: Kisan Maha Panchayat in West Bengal: पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव (West Bengal Election) करीब हैं। राजनीतिक दलों से इतर किसान संगठनों की नजरें भी अब उधर घूम गई हैं। मंगलवार को रोहतक के गढ़ी सांपला में किसान महापंचायत (Kisan Maha Panchayat) हुई। यहां पर किसान नेताओं ने कहा क‍ि वे जल्‍दी ही पश्चिम बंगाल भी जाएंगे।

भारतीय किसान यूनियन (BKU) नेता राकेश टिकैत (Rakesh Tikait) ने तो यहां तक कह दिया कि एक महापंचायत पश्चिम बंगाल (Kisan Maha Panchayat in West Bengal) में भी होगी। अभी तक उत्‍तर प्रदेश, हरियाणा और राजस्‍थान में हो रहीं महापंचायतों से ही बीजेपी परेशान थी। अब पश्चिम बंगाल में महापंचायत के ऐलान से पार्टी के भीतर खलबली सी मच गई है।

खबर है कि केंद्रीय मंत्री और पश्चिमी यूपी के नेता संजीव बालियान के घर जाट नेताओं की एक बैठक होने वाली है। पार्टी जाट नेताओं को साधने की कोशिश में है। मंगलवार को बीजेपी चीफ जेपी नड्डा और केंद्रीय गृह मंत्री ने पश्चिमी यूपी, राजस्‍थान और हरियाणा के पार्टी नेताओं संग बैठक की थी।

बीजेपी के लिए चिंता इस वजह से भी बड़ी है क्‍योंकि किसान संगठन चाहते हैं कि पश्चिम बंगाल में वह हार जाए। रोहतक में मंगलवार को हरियाणा बीकेयू के प्रमुख गुरनाम सिंह चढूनी ने मीडिया से कहा कि “जहां तक पश्चिम बंगाल का संबंध है, अगर भाजपा के लोग हार जाते हैं, तभी हमारा आंदोलन सफल होगा।” अभी तक सामने आए चुनावी सर्वे में बीजेपी को फायदा होता दिख रहा है। मगर किसान आंदोलन के मजबूती से पश्चिम बंगाल पहुंचने पर उसे कितना नुकसान होगा, इसको लेकर अटकलें ही लग रही है।

मंगलवार की बैठक में बालियान भी थे शामिल

हरियाणा, पश्चिमी यूपी और राजस्‍थान में खात पंचायतों की तरफ से लगातार महापंचायत आयोजित की जा रही है। इन महापंचायतों में केंद्र सरकार के नए कृषि कानूनों का खुलकर विरोध हो रहा है। किसान आंदोलन के समर्थन में जाट बेल्‍ट तेजी से एकजुट हो रही है और इसी के मद्देनजर नड्डा और शाह मंगलवार को इधर के बीजेपी नेताओं से मिले थे।

इस मीटिंग में केंद्रीय गृह मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर के अलावा संजीव बालियान, भाजपा किसान मोर्चा के अध्यक्ष राजकुमार चाहर, सांसद सत्यपाल सिंह भी मौजूद थे। PTI ने सूत्रों के हवाले से लिखा कि पार्टी के शीर्ष नेतृत्व ने इन नेताओं को जनता, विशेष रूप से किसान समुदाय के बीच जाकर तीन नए कृषि कानूनों के बारे में गलत धारणाएं और गलतफहमी को दूर करने के लिए कहा।बालियान के घर बुधवार को जाट नेताओं की एक बैठक बुलाई गई है।

बीजेपी के खिलाफ प्रचार कर सकते हैं किसान नेता

रोहतक में हुई किसान महापंचायत को संबोधित करते हुए चढूनी ने लोगों से अपील की कि वे पंचायत से संसद तक के चुनाव में ऐसी किसी व्यक्ति को वोट नहीं दें जो प्रदर्शनकारी किसानों की मदद नहीं करते हैं और उनके आंदोलन को समर्थन नहीं देते।

यह पूछे जाने पर कि क्या यात्रा पश्चिम बंगाल के आगामी विधानसभा चुनावों से जुड़ी होगी, टिकैत ने संवाददाताओं से कहा, “यह मामला नहीं है, हम किसानों के मुद्दों को लेकर वहां जाएंगे।” टिकैत ने कहा क‍ि “पश्चिम बंगाल में भी किसान समस्याओं का सामना कर रहे हैं। उन्हें अपनी फसलों के लिए अच्छी कीमतें नहीं मिल रही हैं।’’ टिकैत ने कहा कि केंद्र के कृषि कानूनों के खिलाफ आंदोलन का नेतृत्व कर रहे 40 नेता पूरे देश का दौरा करेंगे ताकि आंदोलन को समर्थन मिले।

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