Red Fort Violence: दिल्ली पुलिस की बड़ी कामयाबी, लाल किले हिंसा के दो और आरोपी गिरफ्तार

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Webvarta Desk: 26 जनवरी (Republic Day 2021) को निकाली गई किसानों की रैली (Farmers Tractor Rally) में कई लोग ऐसे थे जिन्होंने लाल किले में हिंसा (Red Fort Violence) भड़काई। पुलिस लगातार इन लोगों की तलाश कर गिरफ्तार कर रही है।

इसी कड़ी (Red Fort Violence) में दो और आरोपी पुलिस की पकड़ में आ गए हैं। इनका नाम मोहिंद सिंह और मनदीप सिंह बताया जा रहा है। जनकारी के मुताबिक दिल्ली की क्राइम ब्रांच (Delhi Crime Branch) ने दोनों को जम्मू से गिरफ्तार किया है। गणतंत्र दिवस के दिन हिंसा करने वालों में ये दोनों भी शामिल थे।

बताया जा रहा है कि मोहिंदर सिंह खालसा और मनदीप सिंह को सोमवार रात दिल्ली पुलिस अपने साथ लेकर रवाना हो गई थी। दोनों आरोपियों को जम्मू-कश्मीर पुलिस की मदद से पकड़ा गया है। जानकारी के मुताबिक 45 साल का मोहिंदर कश्मीर संयुक्त मोर्चा संगठन का अध्यक्ष है। उसका नाम दंगे की साजिश रचने वाले मुख्य लोगों में शामिल है। वहीं गोल गुजराल का रहने वाला मनदीप भी मुख्य साजिशकर्ताओं में से एक बताया जा रहा है।

दिल्ली पुलिस ने दोनों के खिलाफ आईपीसी की धारा 147, 148, 149, 152, 269, 279, 186, 332, 353, 307, 308 , 395, 397, 188, 120 बी और 25/27 आर्म्स एक्ट के तहक केस दर्ज किया है।

वहीं बताया जा रहा है कि मोहिंदर की गिरफ्तारी के बाद उसके परिवारवालों ने सतवारी में काफी हंगामा किया है। परिवार ने बताया कि सोमवार रात को गांधीनगर पुलिस ने फोन कर मोहिंदर को पुलिस स्टेशन बुलाया जहां दिल्ली पुलिस की एक टीम पहले से मौजूद थी। मोहिंदर पुलिस स्टेशन पहुंचे तो दिल्ली की टीम उन्हें अपने साथ ले गई।

मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक गांधीनगर से एसएचओ गुरनाम चौधरी ने बताया कि मोहिंदर सिंह पर दिल्ली पुलिस ने मामला दर्ज किया है। कानूनी कार्रवाई के लिए वो उसे अपने साथ ले गई है। इससे पहले दिल्ली पुलिस ने गणतंत्र दिवस पर किसानों की ट्रैक्टर परेड के दौरान लाल किले पर हुई हिंसा में कथित तौर पर शामिल 20 लोगों की तस्वीरें जारी की थी। पुलिस ने कहा कि उन्होंने वीडियो को स्कैन करके लोगों की तस्वीरें ली हैं। इससे पहले, पुलिस ने लाल किले की हिंसा के सिलसिले में 200 लोगों की तस्वीरें जारी की थीं।

अब तक 152 लोग हो चुके हैं गिरफ्तारः पुलिस

पुलिस आयुक्त ने कहा कि कुछ आशंकाएं थीं, जिसकी वजह से अवरोधक लगाए गए थे और किसानों को रोका गया था। हम उनसे (किसानों से) बात करते आ रहे थे। हमने उन्हें ट्रैक्टर रैली निकालने की इजाजत दी थी।

समझौते के तहत नियम कायदे तैयार किए गए थे और उन्हें ट्रैक्टर परेड निकालने के लिए मार्ग निर्दिष्ट किए गए थे, लेकिन उन्होंने दिल्ली पुलिस के विश्वास को तोड़ा और हिंसा की। पुलिस ने बड़ी खूबी से अपना कर्तव्य निभाया। राष्ट्रीय राजधानी में गणतंत्र दिवस पर हुई हिंसा के मामले में अब तक 152 लोगों को गिरफ्तार किया गया है। किसान नेताओं ने उन नोटिस का जवाब दिया है, जो दिल्ली पुलिस ने उन्हें जारी की थीं।

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