धर्म परिवर्तन के झूठ का हुआ पर्दाफाश

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The falsehood of religious conversion exposed

-सिक्ख धर्म से मुसलमान हुई दोनों बालिग लड़कियों ने माना कि कोई किडनैपिंग या जबरदस्ती नहीं हुई

-कुछ राजनीति बाजों ने जबरन दूसरी शादी सिक्ख लड़के से करके जम्मू से भगा दिया

नई दिल्ली, 02 जुलाई (अनवार अहमद नूर)। “जबर्दस्ती धर्मांतरण स्वीकार्य नहीं होगा। हमारी बच्चियों को गन पॉइंट पर उठाकर, जबरदस्ती मुसलमान बना कर, निकाह करा दिया गया है। ये लव जिहाद है हम अपनी बच्चियों को वापस लेकर रहेंगे।” इन नारों को जैसे ही पंजाब से लेकर जम्मू-कश्मीर तक कुछ लोगों ने उछाला तो लोगों को लगा कि अगर ऐसा हुआ है तो बहुत गलत हुआ। मामले की परतें खुलने से पहले ही पंजाब से लेकर जम्मू-कश्मीर और दिल्ली तक में मुसलमानों सहित सभी ने साफ-साफ कहा कि धर्मांतरण में जबर्दस्ती का कोई स्थान नहीं है। इस्लाम में भी इसका कोई स्थान नहीं है। सभी सहयोग करके सच का साथ देंगे और आपसी वातावरण को खराब नहीं होने दिया जाएगा।

जबकि मजिंदर सिंह सिरसा जैसे लोग कुछ सिक्ख नौजवानों के साथ इस मामले को बहुत तूल दे रहे थे। उन्होंने लगातार कई दिनों तक इस धर्मांतरण को लेकर काफी हंगामा बरपा किया। प्रेस कांफ्रेंस की गई। और कहा गया कि

मनमीत कौर और धनमीत कौर नामक लड़कियों का बंदूक की नोक पर धर्मांतरण और निकाह किया गया है। जैसे ही यह खबर सोशल मीडिया और लोगों तक पहुंची।

पहले तो सभी लोगों को लगा कि यह गलत हुआ लेकिन धीरे-धीरे जब इसकी सच्चाई पता चली और सच की परतें खुलीं तो पता चला कि मजिंदर सिंह सिरसा जैसे नेताओं ने इसको गलत मोड़ देकर इस तरीके से झूठ घढ़ा कि जिससे समाज का वातावरण खराब हो और नफ़रत फैले।

वास्तविकता खुलकर सामने आई तो स्वयं सिख समाज के ही परमजीत सिंह सरना ने साफ-साफ कहा कि यह मामला न लव जिहाद का है और न जबरन धर्मांतरण का। बल्कि प्रेम संबंधों का है और दोनों लड़कियों ने अपनी इच्छा से शादियां की हैं। इसको राजनीतिक रंग देना बिल्कुल गलत है। उन्होंने मस्जिदों और मुस्लिम संगठनों का धन्यवाद अदा किया कि जिन्होंने पूरा पूरा सहयोग किया।

यहां बता दें कि मुस्लिम संगठनों ने और कई इमामों ने इस बात को स्पष्ट कर दिया था कि नंबर एक तो जबरन मुसलमान बनाया नहीं जा सकता और अगर ऐसा हुआ है तो हम लोग सिर्फ समाज और सच के साथ हैं।

शाहिद हुसैन मीर अध्यक्ष व्यापारी संघ बटा मालू ने भी स्पष्ट कहा कि हम सिख समाज के साथ हैं अगर वास्तव में गन पॉइंट पर अपहरण या धर्म परिवर्तन या निकाह किया गया है तो हम दोषियों को सज़ा दिलाने के पक्षधर हैं। लेकिन जिस तरह धीरे-धीरे इस मामले की परतें खुली और मनमीत कौर तथा धनमीत कौर ने स्वयं अपनी विडियो प्रकाशित करके सच बताया उससे इन घटिया राजनीति बाजों की पूरी पोल खुल गई। वीडियो सोशल मीडिया पर आई उन्होंने इस मामले को पूरा का पूरा झूठा करार दिया। और साफ-साफ कहा कि हमने अपनी मर्जी से इस्लाम धर्म स्वीकार किया है जिस की पूरी इजाजत उन्हें संविधान देता है।

इन दोनों बालिग लड़कियों ने कहा कि हमारा कोई किडनैप नहीं हुआ। जबरदस्ती धर्मांतरण के आरोपों को खारिज करते हुए इन दोनों लड़कियों ने कहा कि उन्होंने अपनी मर्ज़ी से धर्म परिवर्तन किया है। उनके साथ किसी तरह की कोई जबरदस्ती नहीं हुई है।

एक बालिग लड़की अपने विडियो में बता रही है कि उसका मामला सन 2012 का है जब उसने सिख धर्म छोड़कर इस्लाम स्वीकार कर लिया था। इसके पास हाईकोर्ट के ऑर्डर वाले कागजात भी मौजूद हैं उसका 2014 में निकाह हुआ था।

इस तरह अन्य मामलों की तरह यह धर्मांतरण भी अपनी मर्ज़ी से ही हुआ। लेकिन कुछ गंदी राजनीति करने वालों ने अपनी गंदी हरकतें दिखाईं। और इन लड़कियों पर सिक्ख समुदाय के कुछ लोग जुल्म और अत्याचार कर रहे हैं। इनमें से एक जो कि पहले से ही निकाह करके शादी कर चुकी है उसकी दूसरी शादी सिक्ख पुरुष से करा कर उसे गुमनाम जगह पर जम्मू से बाहर भेज दिया गया है। पुलिस सच का साथ नहीं दे रही है।

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