MP में पत्रकार सुरक्षा कानून और भोपाल में बनेगा स्टेट मीडिया सेंटर : CM शिवराज

-एमपी में पत्रकार सुरक्षा कानून और भोपाल में बनेगा स्टेट मीडिया सेंटर

-पत्रकारों की बढ़ी हुई बीमा प्रीमियम राशि सरकार भरेगी

-सीनियर जर्नलिस्ट को अब 20000 रु. सम्मान निधि

-अकबर खान-

Bhopal: MP की राजधानी भोपाल में मुख्यमंत्री निवास में ‘पत्रकार समागम’ आयोजन किया गया। जहां सीएम शिवराज सिंह चौहान ने पत्रकार साथियों से मुलाकात की। इस मौके पर मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने आज कहा कि प्रदेश में जल्द ही पत्रकार सुरक्षा कानून के लिए एक समिति गठित होगी, जिसके सुझावों के आधार पर राज्य में पत्रकार सुरक्षा कानून लाया जाएगा, जिसमें वरिष्ठ पत्रकारों को भी सदस्य बनाया जाएगा।

समिति के सुझावों के आधार पर राज्य में ये कानून बनाया जाएगा। पत्रकारों से चर्चा के दौरान चौहान ने दावा किया कि चुनाव के बाद भी ‘हम’ ही रहने वाले हैं, लेकिन ये सब प्रावधान चुनाव के पहले ही पूरे कर लिए जाएंगे, बाद में इसे आगे बढ़ाने का काम भी ‘हम’ ही करेंगे। उन्होंने कहा कि राजधानी भोपाल में अत्याधुनिक सुविधाओं से लैस नया पत्रकार भवन बनाया जाएगा। इसे स्टेट मीडिया सेंटर का दर्जा दिया जाएगा।

मुख्यमंत्री शिवराज ने संबोधन में कहा कि लोकतंत्र के आधार स्तंभ के रूप में मीडिया प्रतिनिधियों का परिश्रम प्रशंसनीय है। पत्रकार साथी दिन-रात कार्य करते हैं। अनेक कठिनाइयों के बीच वे तथ्यों और समाचारों को जनता तक पहुंचाने का कार्य करते हैं। यही नहीं सरकार और अन्य सभी के लिए सेतु के रूप में भी उनकी भूमिका महत्वपूर्ण होती है। मुख्यमंत्री ने कहा कि मीडिया के लिए मेरे मन में बहुत आदर का स्थान है। आज इस पत्रकार समागम में अनेक साथियों से भेंट हो रही है।

चौहान ने कहा कि वरिष्ठ और बुजुर्ग पत्रकारों की सम्मान निधि बढ़ा कर 20 हजार रुपए की जा रही है। सम्मान निधि पाने वाले पत्रकारों का स्वर्गवास होने पर परिवार को आठ लाख रुपए की एकमुश्त सहायता राशि देंगे। अधिमान्यता प्राप्त पत्रकारों को आवास ऋण अनुदान योजना में सीमा बढ़ाकर 30 लाख रुपए की जाएगी। पत्रकारों के बच्चों की शिक्षा के लोन के लिए पांच प्रतिशत अनुदान पांच साल के लिए राज्य सरकार वहन करेगी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि बीमा कंपनी की ओर से बढ़ाई गई प्रीमियम की राशि राज्य सरकार वहन करेगी। 65 साल से अधिक के पत्रकारों और उनके जीवनसाथी का बीमा प्रीमियम सरकार वहन करेगी। बीमा आवेदन की तारीख बढ़ा कर 25 सितंबर कर दी गई है। अधिमान्यता प्राप्त पत्रकारों के लिए सामान्य और गंभीर बीमारियों में आर्थिक सहायता का प्रावधान बढ़ाया जाएगा। उन्होंने कहा कि पत्रकारों की आवास संबंधित समस्याओं को दूर करने के प्रयास किए जाएंगे।

स्टेट मीडिया सेंटर होगा नया पत्रकार भवन

सीएम ने कहा, ‘मालवीय नगर में पत्रकार भवन तोड़ दिया गया। जमीन वैसी ही पड़ी हुई है। इस भवन को नया स्वरूप देने का संकल्प मन में आया है। यह भवन स्टेट मीडिया सेंटर का स्वरूप लेगा। यहां पत्रकार वार्ता और दूसरी एक्टिविटीज के लिए आधुनिक सुविधाएं होंगी। लाइब्रेरी, कैंटीन और जो भी जरूरत हो सकती है व्यवस्था करेंगे।

मुख्यमत्री की महत्वपूर्ण घोषणाएं…

  • राजधानी के पत्रकार भवन की भूमि पर नए भवन का निर्माण किया जाएगा।
  • वर्तमान में भोपाल में दो स्थानों पर पत्रकारों के लिए भूमि आवंटित कर कॉलोनी विकसित की गई है। अन्य नगरों में आज की आवश्यकता के अनुसार पत्रकारों की सोसायटी को भूमि प्रदान करने की कार्रवाई की जाएगी। इसके लिए विधिवत कदम उठाए जाएंगे। इससे पत्रकार बंधुओं को अपना मकान बनाने के लिए व्यवस्था आसान होगी।
  • बीमा कंपनी द्वारा प्रीमियम राशि में 27 प्रतिशत वृद्धि की गई थी। बढ़ी हुई राशि पत्रकारों को नहीं भरना होगी। राज्य सरकार बढ़ी हुई राशि वहन करेगी। गत वर्ष की तरह ही पत्रकारों को प्रीमियम देना होगा।
  • 65 वर्ष से अधिक उम्र के वरिष्ठ पत्रकारों को बीमा के लिए प्रीमियम राज्य सरकार द्वारा भरा जाएगा। पत्रकारों के जीवनसाथी (पति/पत्नी) के बीमा का प्रीमियम भीराज्य सरकार भरेगी।
  • बीमा योजना की अंतिम तिथि 16 सितंबर से बढ़ाकर 25 सितंबर की जाएगी।
  • अस्वस्थ होने पर पत्रकार बंधु को आर्थिक सहायता के लिए वर्तमान प्रावधान 20 हजार के स्थान पर 40 हजार रूपए किया जाएगा। गंभीर बीमारी की स्थिति में यह 50 हजार के स्थान पर एक लाख रुपये होगा।
  • मध्यप्रदेश के वरिष्ठ एवं बुजुर्ग पत्रकारों को मासिक सम्मान निधि की राशि 10 हजार के स्थान पर 20 हजार रुपए होगी।
  • सम्मान निधि प्राप्त करने वाले पत्रकार के अवसान की स्थिति में परिवार को आठ लाख रूपए की राशि प्रदान की जाएगी।
  • अधिमान्यता प्राप्त पत्रकारों को आवास ऋण ब्याज अनुदान योजना के अंतर्गत अधिकतम ऋण की राशि 25 लाख से बढ़ाकर 30 लाख रूपए की जाएगी।
  • अधिमान्यता प्राप्त पत्रकारों के बेटे-बेटियों की शिक्षा के लिए बैंक से ऋण पर उसके ब्याज पर 5 प्रतिशत ब्याज अनुदान 5 वर्ष के लिए राज्य सरकार वहन करेगी।
  • मध्यप्रदेश के छोटे शहरों और कस्बों के पत्रकार साथियों की जरूरत के अनुसार उन्हें भोपाल में डिजिटल तकनीक का प्रशिक्षण दिलवाया जाएगा। इसके लिए जनसंपर्क विभाग आवश्यक व्यवस्थाएं करेगा। माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय, भोपाल का सहयोग भी प्राप्त किया जाएगा।
  • पत्रकार सुरक्षा कानून के लिए वरिष्ठ पत्रकारों की समिति गठित कर प्राप्त सुझावों पर राज्य शासन द्वारा अमल किया जाएगा।

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