New Delhi: पीएम नरेन्द्र मोदी (PM Modi) की अमेरिका की पहली राजकीय यात्रा दोनों देशों के रिश्तों के भविष्य की दिशा तय करने वाली होगी। उनकी इस यात्रा में दुनिया के दो सबसे बड़े लोकतांत्रिक देशों की परंपराओं के समारोह की भव्यता तो होगी ही लेकिन इस दौरान जो समझौते होंगे उसका वैश्विक कूटनीति में दीर्घावधि असर देखने को मिलेगा।

दो दिनों के लिए मिस्त्र यात्रा पर जाएंगे पीएम मोदी

मोदी (PM Modi) 20 से 23 जून तक अमेरिका में प्रवास करेंगे और वहां से लौटते समय 24 व 25 जून को मिस्त्र की दो दिवसीय यात्रा पर होंगे। अमेरिका यात्रा के दौरान पीएम मोदी और राष्ट्रपति जो बाइडन के समक्ष दोनों देशों के बीच रक्षा और तकनीक के क्षेत्र में कई अहम समझौतों पर हस्ताक्षर होने की संभावना है।

22 जून को पीएम मोदी (PM Modi) और बाइडन के बीच होगी वार्ता

विदेश मंत्रालय के मुताबिक यात्रा के पहले चरण में पीएम न्यूयार्क जाएंगे, जहां वह 21 जून को संयुक्त राष्ट्र मुख्यालय में अंतरराष्ट्रीय योग दिवस कार्यक्रम में हिस्सा लेंगे। 22 जून को पीएम मोदी और राष्ट्रपति बाइडन के बीच आधिकारिक द्विपक्षीय वार्ता होगी। उसी दिन पीएम अमेरिकी संसद के संयुक्त अधिवेशन को संबोधित करेंगे।

अमेरिकी संसद को संबोधित करेंगे PM Modi

अमेरिकी संसद को दोबारा संबोधित करने वाले वह देश के पहले प्रधानमंत्री होने के साथ ही दुनिया के बेहद गिने-चुने राजनेताओं में शामिल हो जाएंगे। इसके पहले ब्रिटेन के पूर्व पीएम विंस्टन चर्चिल, दक्षिण अफ्रीका के पूर्व राष्ट्रपति नेल्सन मंडेला, इजरायल के पूर्व पीएम येज्तिक राबिन व मौजूदा पीएम बेंजामिन नेतन्याहू को ही दो या इससे ज्यादा बार अमेरिकी संसद को संबोधित करने का मौका मिला है।

दोनों नेताओं के बीच यह बैठक हो सकती है सबसे लंबी

सूत्रों ने बताया है कि बाइडन और मोदी के बीच 22 जून को होने वाली बैठक इन दोनों नेताओं के बीच अभी तक की सबसे लंबी बैठक हो सकती है। इसका एजेंडा बहुत व्यापक है। इनमें द्विपक्षीय रक्षा व कारोबारी रिश्तों के अलावा हिंद प्रशांत क्षेत्र की स्थिति, यूक्रेन विवाद, जी-20, क्वाड, खाद्य व ऊर्जा सुरक्षा जैसे मुद्दे भी होंगे।

भारतीय समुदाय के लोगों को भी पीएम मोदी करेंगे संबोधित

द्विपक्षीय मुद्दों पर उच्च तकनीक के क्षेत्र में एक साझी दीर्घकालिक नीति बनाने का एजेंडा भी इसमें शामिल है।23 जून को पीएम मोदी के सम्मान में अमेरिका की उपराष्ट्रपति कमला हैरिस ने एक भोज का आयोजन किया है। इसके बाद पीएम अमेरिकी उद्योगपतियों के साथ मुलाकात करेंगे। इस बीच भारतीय समुदाय के लोगों को भी संबोधित करेंगे।

पीएम मोदी की मिस्त्र यात्रा

वापसी में पीएम मोदी राष्ट्रपति अल सिसी के आमंत्रण पर दो दिनों के लिए मिस्त्र के राजकीय मेहमान होंगे। यह लंबे अरसे बाद किसी भारतीय पीएम की मिस्त्र यात्रा होगी। पिछले आठ वर्षों में मिस्त्र के राष्ट्रपति तीन बार भारत का दौरा कर चुके हैं। इस साल गणतंत्र दिवस के अवसर पर राष्ट्रपति अल सिसी भारत के राजकीय मेहमान थे।

अमेरिकी कंपनियों की सप्लाई चेन

सूत्रों ने बताया कि पीएम मोदी की अमेरिका यात्रा का उद्देश्य यह दिखाना होगा कि दोनों देश आपसी साझेदारी से क्या हासिल कर सकते हैं। भारत व अमेरिका के बीच आर्थिक, रक्षा, सुरक्षा व तकनीक जैसे क्षेत्रों में सहयोग को लेकर काफी काम हुआ है। अब इसे नई दिशा देने की जरूरत महसूस की जा रही है। अब भारतीय कंपनियां अमेरिकी कंपनियों की सप्लाई चेन का अहम हिस्सा बनने की क्षमता रखती हैं।

भारतीय प्रतिभाएं भी ज्यादा बड़ा योगदान करने को तैयार हैं। रक्षा क्षेत्र में सहयोग काफी विस्तार कर चुका है। लेकिन अब खरीदार-विक्रेता के रिश्तों से आगे बढ़ रहे हैं।