Personal Finance : बचत की आदत और अनुशासन को जल्द ही शुरू कर देना चाहिए : आलोक पोद्दार

Personal Finance : ‘एक मध्यमवर्गीय परिवार का आदमी जिसकी सालाना आमदनी 3 से 5 लाख रुपये के बीच है, वह अक्सर इस दुविधा में रहता है कि क्या उसके लिए बचत करना जरूरी है? अगर हम पहले के समय की बात करें, तो हमारे दादा-दादी आमतौर पर अपने पोते-पोतियों को गुल्लक उपहार में दिया करते थे. गुल्लक देने की इस परंपरा ने हमें संकेत दिया कि वे भी बचत के महत्व को मानते थे और चाहते थे कि बच्चे में भी कम उम्र से ही बचत करने की प्रवृत्ति विकसित हो जाए. आज की भागदौड़ भरी जिंदगी में हम जमा करने की आदत से दूर होते जा रहे हैं और अक्सर एक परिवार के पास भविष्य में किसी बड़ी मुश्किल का सामना करने के लिए ज्यादा बचत नहीं होती है. सही मायने में देखें, तो आम तौर पर आदमी की कमाई का एक बड़ा हिस्सा फैशन और लाइफस्टाइल में दूसरों को फॉलो करने में खर्च हो जाता है. हमें यह स्पष्ट रूप से समझना होगा कि बचत बहुत जरूरी है और अगर हम शुरू से ही बचत नहीं करते हैं, तो बुढ़ापे में हमारा क्या होगा, जब हम रिटायर होंगे या कमाने की स्थिति में नहीं होंगे? बचत को एक आदत और अनुशासन के रूप में यथाशीघ्र शुरू कर देना चाहिए.’ ये कहना है प्रभात खबर समूह के मुख्य वित्त अधिकारी (सीएफओ) श्री आलोक पोद्दार का. आइए, जानते हैं कि श्री आलोक पोद्दार बचत के लिए किस प्रकार का सुझाव देते हैं?

कहां करें बचत?

प्रभात खबर समूह के सीएफओ श्री आलोक पोद्दार आगे कहते हैं कि मैं अपने व्यक्तिगत अनुभव से बचत के कुछ क्षेत्रों पर आपका ध्यान आकर्षित करना चाहता हूं कि बचत के लिए कहां-कहां निवेश करना चाहिए. इसके लिए निम्न बातों पर ध्यान देना बेहद जरूरी है.

1. आकस्मिक निधि

श्री आलोक पोद्दार ने कहा कि सबसे पहले प्रत्येक व्यक्ति को अपनी लगभग 2 महीने की कमाई के बराबर एक आकस्मिक निधि बनानी चाहिए, जिसे बैंक के बचत खाते में डिपॉजिट कर देना चाहिए. इस फंड की उपयोगिता तब समझ में आती है, जब कोई मेडिकल इमरजेंसी, एक्सीडेंट या कोई गंभीर समस्या सामने आती है, जिसके लिए हमारे पास समय नहीं होता है और अक्सर इस राशि की तत्काल आवश्यकता होती है. यह उन व्यक्तियों के लिए अनिवार्य होना चाहिए जो नौकरी में हैं. खासकर, उनके लिए जो निजी क्षेत्र में काम करते हैं, क्योंकि कई बार यह देखा गया है कि निजी क्षेत्र में बहुत ही कम समय में गुलाबी पर्ची थमा दी जाती है.

2. जीवन बीमा

उन्होंने कहा कि आकस्मिक निधि के बाद व्यक्ति को अपने परिवार की सुरक्षा के लिए दूसरी सबसे बड़ी योजना यह बनानी चाहिए कि परिवार के कमाने वाले का उचित जीवन बीमा करा लिया जाए. जानकारों की मानें, तो किसी के पास अपनी मौजूदा सालाना कमाई का करीब 10 गुना बीमा होना चाहिए.

3. लॉन्गटर्म निवेश

श्री पोद्दार ने कहा कि लॉन्गटर्म इन्वेस्टमेंट यह एक बहुत ही महत्वपूर्ण निवेश है, क्योंकि यह आपके भविष्य की पूंजी का निर्माण करता है और यह निवेश किसी अच्छे वित्तीय सलाहकार के मशविरे के बाद सावधानीपूर्वक किया जाना चाहिए. इसके तहत आप इक्विटी म्यूचुअल फंड, बैलेंस म्यूचुअल फंड और शेयर आदि में निवेश कर सकते हैं. निवेश की इस कैटेगरी में आपको अपनी उम्र के हिसाब से जोखिम (मार्केट बेस्ड रिस्क) लेना चाहिए. उदाहरण के लिए, यदि आपकी आयु 25 से 35 वर्ष के बीच है, तो आप उच्च जोखिम और इक्विटी में निवेश कर सकते हैं, लेकिन यदि आप 50 साल से ऊपर के हैं, तो आपका निवेश इक्विटी में कम होना चाहिए. इस कैटेगरी के तहत आप सोने में भी निवेश कर सकते हैं.

4. सरकार, बैंक और डाकघर बचत योजना

उन्होंने कहा कि बचत करने के लिए आप सरकार, बैंक और डाकघर की बचत योजनाओं का भी भरपूर लाभ उठा सकते हैं. इस श्रेणी में आप भविष्य निधि, सार्वजनिक भविष्य निधि, सुकन्या समृद्धि योजना, बैंक एफडी, डाकघर जमा योजना आदि में बचत कर सकते हैं. ध्यान रखें कि आपका रिटर्न हमेशा प्रचलित उपभोक्ता सूचकांक मुद्रास्फीति दर से अधिक होता है. यदि इन निश्चित योजनाओं का रिटर्न मौजूदा मुद्रास्फीति दर से कम है, तो लंबे समय में आपकी पूंजी के नुकसान का खतरा होगा.

5. पेंशन योजनाएं

श्री आलोक पोद्दार आगे बताते हैं कि इस कैटेगरी में आप अपने रिटायरमेंट के लिए प्लानिंग करके पैसा लगा सकते हैं. पेंशन फंड के तहत कई तरह की बीमा पॉलिसी हैं, लेकिन भारत सरकार की नेशनल पेंशन स्कीम (जिसे एनपीएस भी कहा जाता है) एक अच्छी योजना है, जिसके तहत आप भविष्य के लिए पैसे बचा सकते हैं. पेंशन योजना यह सुनिश्चित करती है कि सेवानिवृत्ति के बाद आपको अपने जीवन शैली के खर्चों को पूरा करने के लिए एक निश्चित मासिक राशि प्राप्त हो.

6. मेडिक्लेम, दुर्घटना बीमा, क्रिटिकल केयर बीमा और अन्य योजनाएं

उन्होंने कहा कि इसके तहत आप अपने परिवार का मेडिक्लेम (फैमिली फ्लोटर प्लान), अपना और परिवार का दुर्घटना बीमा कवर, क्रिटिकल केयर इंश्योरेंस (जिसके तहत बीमा कंपनी द्वारा आपको कुछ निर्दिष्ट जीवन खतरनाक बीमारियों के निदान और जीवित रहने पर एक निश्चित राशि दी जाती है) ले सकते हैं. अन्य बीमा योजनाएं भी हैं, जो आपकी आवश्यकताओं पर निर्भर करती हैं. इसके अलावा, यदि आपके पास कम समय के लिए अतिरिक्त नकदी है, तो आप इसे बैंकों या म्यूचुअल फंड में छोटे समय के सावधि जमा में रख सकते हैं.

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